प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

नई दिल्ली: देशभर में महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर केंद्र सरकार कई अहम कदम उठा रही है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनाई गयी है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रही महिलाओं को सरकार द्वारा 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

यह सहायता राशि सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में जाती है। वर्ष 2019 के सितंबर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया है कि इस योजना के तहत कुल 4000 करोड़ से अधिक की राशि लाभार्थियों को वितरित कर दी गई है। इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलता है जो दैनिक वेतनमान पर काम कर रही हैं या फिर जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है।

कैसे होता है भुगतान ?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मात्र पहली जीवित संतान पर मिलता है। सरकार इस योजना के तहत तीन चरण में रुपये का भुगतान करती है। इस योजना की पहली किस्त में गर्भवस्था के रजिस्ट्रेशन के समय 1000 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी किस्त का भूगतान गर्भवती महिला के छह महीने पूरे पर किया जाता है। इसमें महिला को 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इससे गर्भवती महिला को इलाज और दवाओं के खर्च में सहायता मिलती है।

वहीं तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान मां बनने के बाद बच्चे के जन्म के पंजिकरण के दौरान किया जाता है। तीसरी किस्त में भी 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तीसरी किस्त का भुगतान तब किया जाता है जब नवजात बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B की पहली वैक्सीन लगा दी जाती है। इसके अलावा एक हजार का अतिरिक्त लाभ जननी सुरक्षा योजना के तहत महिला को प्रसव के ही दौरान दे दिया जाता है।

योजना का उददेश्य
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करना।

ऐसे करें आवेदन
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जाता है। महिलाएं वहां जा कर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं।

आवेदन के लिए जरूरी डॉक्युमेंट
आधार कार्ड की फोटोकॉपी

बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता की पासबुक

आधार न होने पर पहचान संबंधी अन्य विकल्प

पीचएसी या सरकारी अस्पताल से जारी स्वास्थ्य कार्ड

सरकारी विभाग/कंपनी/संस्थान से जारी कर्मचारी पहचान पत्र


बिना आवेदन खाते में आए पैसेः PM किसान योजना में आई कुछ गड़बड़ी, इनको मिले रुपए

बिना आवेदन खाते में आए पैसेः PM किसान योजना में आई कुछ गड़बड़ी, इनको मिले रुपए

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Scheme) के तहत देश भर के किसानों के लिए सातवीं किश्त जारी कर दी है। बता दें कि इस योजना के तहत देश के किसानों को सालाना तीन किश्तों में 6 हजार रुपये की मदद दी जाती है। ये राशि सीधे किसानों के बैंक अकाउंट (Bank Account) में ट्रासंफर की जाती है। लेकिन इस बीच इस स्कीम में फर्जीवाड़ा की घटनाएं सामने आ रही हैं।

UIDAI और TRAI के पूर्व चीफ के खाते में भेजे गए पैसे
इस योजना के तहत उन लोगों के खाते में भी पैसे पहुंचने की खबरें आ रही हैं, जो अपात्र हैं। पीएम किसान योजना के तहत उन लोगों के भी बैंक अकाउंट में पैसे पहुंच रहे हैं, जिन्होंने कभी भी अपने आपको रजिस्टर्ड ही नहीं कराया है। एक ऐसी ही ताजा खबर आई है, जिसमें पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत UIDAI और TRAI के पूर्व चीफ राम सेवक शर्मा के खाते में छह हजार रुपये भेजे गए हैं।

कभी स्कीम में नहीं कराया रजिस्ट्रेशन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, IDAI और TRAI के पूर्व चीफ राम सेवक शर्मा (Ram Sewak Sharma) के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बैंक अकाउंट में साल में तीन बार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये आ चुके हैं। जबकि शर्मा ने कभी भी इस योजना के लिए अपना नाम रजिस्टर ही नहीं कराया था। शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, फिर भी उनका रजिस्ट्रेशन हो गया। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, सरकार ने बिना पहचान किए कैसे वेरिफिकेशन कर दिया।

अब अकाउंट को किया गया डिएक्टिवेट
रिपोर्ट में राम सेवक शर्मा के हवाले से बताया गया है कि इस साल उनके बैंक अकाउंट में दो हजार की तीन किश्तें आई हैं। उनके नाम से यह खाता आठ जनवरी, 2020 को खोला गया थी और करीब नौ महीने तक एक्टिव रहा। यह 24 सितंबर को डीएक्टिवेट हो गया है। शर्मा ने बताया कि वो यूपी के फिरोजाबाद जिले में एक किसान के तौर पर रजिस्टर्ड थे। उनके जिस खाते में पैसे आए थे, वह एक हिंदू अविभाजित परिवार का अकाउंट है, जिसका इस्तेमाल कृषि उपज और व्यय की बिक्री आय प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

इससे पहले भी हो चुकी है गड़बड़ी
शर्माा को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इस बारे में बैंक को सूचित किया, हालांकि अब तक इसका कोई जवाब नहीं आया है। लेकिन शर्मा के नाम से बने खाते को डिएक्टिवेट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वो इस स्कीम के तहत पैसे पाने योग्य नहीं है, क्योंकि वो इनकम टैक्स भरते हैं। बता दें कि इससे पहले भी इस तरह की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। जब किसी दूसरे के अकाउंट में रकम भेज दी ई है।


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