पीएम किसान सम्मान निधि योजना के मिले लाखों फर्जी लाभार्थी, कानूनी कार्रवाई से बचना है तो...

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के मिले लाखों फर्जी लाभार्थी, कानूनी कार्रवाई से बचना है तो...

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के वेरिफिकेशन के दौरान असम में 9 लाख अपात्र लाभ पाने वाले पाए गए हैं. इसके अतिरिक्त तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में 38,000 से ज्यादा ऐसे लोग मिले हैं, जो योजना का फायदा उठाने की पात्रता नहीं रखते. असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने प्रदेश विधानसभा में बताया है कि सूबे में 9 लाख से ज्यादा ऐसे लोग मिले हैं, जो बिना पात्रता के ही पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा ले रहे थे. इस वर्ष मई में ही ऐसे 9,39,146 किसानों की किस्तों को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने रोक दिया था व इस पर असम सरकार से रिपोर्ट मांगते हुए फ्रॉड की संभावना जताई थी. यही नहीं केंद्रीय मंत्रालय ने बोला था कि ऐसे मामलों की जाँच की जानी चाहिए.

इसके बाद असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अनियमितताओं की जाँच का आदेश दिया था. सूबे के कृषि मंत्री ने बोला कि प्रदेश के 33 जिलों में सबसे ज्यादा 1.51 लाख अपात्र लाभ पाने वाले बारपेटा जिले में पाए गए हैं. इसके अतिरिक्त कामरूप में 85,711 व बकसा में 53,533 ऐसे लाभ पाने वाले मिले हैं, जो अपात्र हैं. बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की गाइडलाइंस के तहत यदि कोई अपात्र आदमी इसका फायदा लेता है तो पकड़े जाने पर उससे ट्रांसफर की गई सभी किस्तें वापस ली जाएंगी. इसके अतिरिक्त उस पर कानूनी कार्रवाई भी जाएगी. ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि स्कीम के लिए आवेदन करने से पहले यह जान लें कि आप इसके पात्र हैं या नहीं. 

आइए जानते हैं, किन लोगों को नहीं मिल सकता इस स्कीम का लाभ…

खेती अपने नाम पर होना जरूरी: यदि कोई किसान खेती करता है, लेकिन वह खेत उसके नाम न होकर उसके पिता या दादा के नाम हो तो उसे 6000 रुपये सालाना का फायदा नहीं मिलेगा. वह जमीन किसान के नाम होनी चाहिए. इसी तरह दूसरे किसान से बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वालों को भी इसका बेनेफिट नहीं मिल सकता. अगर कोई किसान या उसके परिवार का कोई मेम्बर संवैधानिक पद पर है तो उसे फायदा नहीं मिलेगा.

ऐसे सरकारी कर्मचारियों को ही मिलेगा लाभ: राज्य/केंद्र सरकार के साथ-साथ पीएसयू व सरकारी स्वायत्त निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त ऑफिसर व कर्मचारी होने पर भी योजना के फायदा के दायरे में नहीं आएंगे. हालांकि चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी होने पर आप इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं.

आईटीआर भरने वाले भी दायरे से बाहर: इसके अतिरिक्त डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स व एडवोकेट जैसे पेशेवर लोग भी इस स्कीम का फायदा नहीं ले सकते. भले ही उनके नाम पर खेती हो व वह खुद खेती करते भी हों. 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा. बीते वित्त साल में यदि परिवार के किसी मेम्बर ने आयकर का भुगतान किया हो, तब भी इस स्कीम का फायदा नहीं लिया जा सकता.