बिहार में 100 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे दफ्तर, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

बिहार में 100 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे दफ्तर, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

कोरोना के मामले में कमी होने के बाद बिहार सरकार ने 23 जून यानी बुधवार से पाबंदी में ढील देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। 23 जून से 6 जुलाई तक सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करेंगे, दुकानें 7 बजे संध्या तक खुलेंगी और रात्रि कर्फ्यू रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्क और उद्यान 6 बजे सुबह से 12 बजे दिन तक खुलेंगे। उन्होंने कहा कि अभी भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

बिहार में वैक्सीन अभियान लॉन्च
बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वैक्सीन अभियान लॉन्च किया।  उन्होंने कहा कि हमने राज्य में बड़े पैमाने पर वैक्सीन अभियान लॉन्च कर दिया है। 18-44 आयु वर्ग के लगभग 38,10,826 लोगों को पहली डोज लगाई गई और 97,549 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई।

नीतीश ने 21 विभागों के 169 भवनों का उद्घाटन किया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 21 विभागों के 169 भवनों का उद्घाटन तथा 12 विभागों के 73 भवनों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन निर्माण विभाग का बजट पहले नाम मात्र का था, अब बड़े पैमाने पर भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भवनों का सिर्फ निर्माण कराना ही नहीं बल्कि उनका रखरखाव भी है। 21 विभागों के 169 भवन 1411 करोड़ रुपये की लागत से बने हैं वहीं 12 विभागों के 73 भवनों पर 725.22 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
भवन निर्माण में 'फ्लाई ऐस' ईंटों का उपयोग 
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले से दो भवन बिहार भवन और बिहार निवास बनाए गए थे। उन दोनों भवनों से जरूरत पूरी नहीं हो रही थी क्योंकि बिहार से दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए तीसरे भवन 'बिहार सदन' का निर्माण कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से बने दोनों भवनों का विस्तार होगा। सरकारी भवनों के निर्माण में 'फ्लाई ऐस' ईंटों का उपयोग हो रहा है।  

उन्होंने कहा कि बोधगया में स्टेट गेस्ट हाउस का निर्माण कराया जा रहा है और वहां महाबोधि सांस्कृतिक केन्द्र भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोधगया ऐतिहासिक जगह है जहां दुनियाभर से लोग आते हैं। यहां बनने वाले गेस्ट हाउस पर 136 करोड़ रूपये की लागत आयेगी। इसमें 5- स्टार होटल के तौर पर लोगों को सुविधा मिल सकेगी। वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का भी निर्माण कराया जा रहा है। इससे बोधगया आने वाले लोग भी वहां भी पहुंचेंगे।
पटना में बन रही साइंस सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में साइंस सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। इस सबंध में पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत अब्दुल कलाम जी से भी राय ली गई थी। यह साइंस सिटी 640 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। पटना में ही बापू टावर का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें बापू से जुड़ी हुई सभी जानकारियां होंगी। 

उन्होंने कहा कि पटना में अंजुमन इस्लामिया भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उस स्थान का ऐतिहासिक महत्व है। मुंगेर में वाणिकी महाविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपमुख्यमंत्रियों तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने भी संबोधित किया।


जाने क्या है बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और आप कैसे कर सकते है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन

जाने क्या है बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और आप कैसे कर सकते है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन

बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना हरित कृषि संयंत्र योजना के बारे में बताने जा रहे हैं हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको यह बताएँगे कि किस प्रकार आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं। और किस तरह आप ऑनलाइन आवेदन करके अपने फॉर्म सबमिट करवा सकते हैं। आपको बता दे कि बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओं में से एक है। बिहार के किसान कृषि से सम्बंधित मशीनों को खरीदने के लिए अक्सर असमर्थ होते हैं, जिससे उन्हें कृषि कार्य में कई अड़चने आती हैं, और उसका असर कृषि पर भी पड़ता है. लेकिन बिहार राज्य सरकार, अपने राज्य के किसानों की मुश्किलों को कम करते हुए मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना लेकर आ रही है, बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के तहत बिहार सरकार सभी किसान जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं, सीधे राज्य सरकार से कृषि से सम्बंधित मशीनों को किराए पर ले सकते हैं। और इसके लिए उन्हें केवल नाममात्र का किराया देना होगा। तो चलिए बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना से जुड़ी अन्य जानकारियां आप हमारे इस आर्टिकल  के माध्यम से ले सकते हैं।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 की विशेषताएं (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Objectives)
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2022 तक किसानों की आये को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। और इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत सरकार किसानों के हित मे कई योजनाओ का संचालन भी कर रही है। और अब इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्य के किसानों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है जिसका नाम मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना रखा है मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के अंतर्गत राज्य के किसान खेती-बाड़ी से जुड़े मशीनों को खरीदने के लिए असमर्थ होते हैं। यानी कि किसान के पास कृषि संयंत्र के लिए रुपए नहीं है उनके लिए राज्य सरकार की तरफ से कृषि यंत्र खरीदने के लिए बिहार राज्य सरकार कृषि यंत्र देने जा रही है। ताकि बिहार राज्य के किसानों को खेती करा आसान हो सके। तो अगर आप बिहार राज्य में मूल रूप से निवास करते है और इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना का लाभ लेना चाहते है तो यह आर्टिकल आपको काफी हद तक सहायता करेगा।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 के लिए जरुरी दस्तावेज (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Required Documents)
आवासीय पात्रता:- इस योजना का लाभ बिहार के किसानों को प्रदान किया जाना है। अतः इसके लिए आवेदन करते समय उन्हें अपना आवासीय प्रमाण जमा करना आवश्यक है।

पहचान के लिए:- इस योजना में जुड़ने वाले सभी किसानों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड की फोटोकॉपी आवेदन फॉर्म के साथ जमा करनी होगी।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Online Registration)
इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना की अधिकारिक तौर पर घोषणा बिहार केबिनेट कमिटी द्वारा की गई है। इस योजना में स्थापित किये जाने वाले कृषि संयंत्र बैंक के निर्माण में कुछ समय लगेगा। इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के लिए अभी तक ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। इसलिए इस योजना को लागू करने की एवं इसमें आवेदन करने की प्रक्रिया की घोषणा अभी नहीं की गई है। जैसे ही इसकी घोषणा की जाएगी, हम अपने आर्टिकल के जरिये सारी जानकारी को अपडेट कर देंगे। कुछ समय पहले सरकार ने किसानों की आय को दोगुनी करने का फैसला लिया था। ऐसे में यह योजना का लागू होना, इसके लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अतः इस योजना से राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने एवं सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना है।