PM Kisan: 1.6 करोड़ किसानों के बैंक खाते में आने वाले है 2000 रुपये

PM Kisan: 1.6 करोड़ किसानों के बैंक खाते में आने वाले है 2000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Kisan) के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये मिलते है. ये रकम सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की जाती है. अब उसकी 7वीं किस्त की रकम लोगों के खाते में पहुंची है. कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मार्च 2021 तक 11 करोड़  किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये ट्रांसफर करने की योजना है. इसमें से अभी 9,41,90,188 किसानों के खाते में 2000 रुपये की सातवीं किस्त पहुंच चुकी है. 1.6 करोड़ किसान बाकी है. इसीलिए सरकार ने बाकी की रकम ट्रांसफर करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है. जिन लोगों का आधार वैरिफिकेशन पूरा हो चुका है उनके खाते में मार्च तक रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी.

सबसे पहले आपको देखना चाहिए कि कहीं कोई जानकारी तो गलत नहीं दे दी है. फार्मर कार्नर पर क्लिक करने के बाद Benificary status पर क्लिक करें. जिसके बाद वहां आधार नंबर, अकाउंट नंबर और फोन नंबर का विकल्प दिखेगा. यहां आप देख सकते हैं कि आपकी सूचना सही है या नहीं. अगर गलत है तो इसे सही करा सकते हैं. अगर आपका आवेदन किसी डॉक्युमेंट (आधार, मोबाइल नंबर या बैंक खाता) की वजह से रुका है तो वह डॉक्युमेंट भी ऑनलाइन अपलोड भी कर सकते हैं.

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम
प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi scheme) की सातवीं किश्त 25 दिसंबर से आनी शुरू हो गई है. इस स्कीम के तहत सालाना तीन किश्त में 6000 रुपये दिए जाते हैं.

पीएम किसान सम्मान योजना में केंद्र सरकार तीन किश्तों में यह पैसा ट्रांसफर करती है पहली किश्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है, जबकि दूसरी किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई और तीसरी किश्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच में किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

अगर कागजात दुरुस्त रहे तो सभी 11.17 करोड़ रजिस्टर्ड किसानों को सातवीं किश्त का लाभ भी मिलेगा. इसलिए अपना रिकॉर्ड चेक कर लें. ताकि पैसा मिलने में दिक्कत न हो. रिकॉर्ड में कोई भी गड़बड़ी होगी तो निश्चित तौर पर आपको योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा.

PM Kisan स्कीम में कैसे चेक करें रिकॉर्ड ठीक है या नहीं
पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की ऑफीशियल वेबसाइट (pmkisan.gov.in) है. बेवसाइट को लॉग इन करना होगा. इसमें दिए गए ‘ Farmers Corner’ वाले टैब में क्लिक करना होगा.

अगर आपने पहले आवेदन किया है और आपका आधार (Aadhaar) ठीक से अपलोड नहीं हुआ है या किसी वजह से आधार नंबर गलत दर्ज हो गया है तो इसकी जानकारी इसमें मिल जाएगी.फार्मर कॉर्नर में किसानों को खुद को ही पीएम किसान योजना में रजिस्टर्ड करने का भी विकल्प दिया गया है.

इसमें सरकार ने सभी लाभार्थियों की पूरी सूची अपलोड कर दी है. आपके आवेदन की स्थिति क्या है. इसकी जानकारी किसान आधार संख्या/ बैंक खाता/ मोबाइल नंबर के जरिए मालूम कर सकते हैं.

जिन किसानों को इस योजना का लाभ सरकार की तरफ से दिया गया है उनके भी नाम राज्य/जिलेवार/तहसील/गांव के हिसाब से देखे जा सकते हैं.

PM Kisan स्कीम में कैसे चेक करें अपना नाम
अगर आपने इस योजना को फायदा लेने के लिए आवेदन किया है और अब अपना नाम लाभार्थियों की सूची में देखना चाहते हैं तो आपके लिए सरकार ने अब यह सुविधा ऑनलाइन भी मुहैया कराई है.

सरकारी वेबसाइट pmkisan.gov.in पर आप अपना नाम चेक कर सकते हैं. वेबसाइट खुलने के बाद मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं. ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करें.

अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें. इसके बाद आपको Get Report पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद आपको जानकारी मिल जाएगी.

इस बार नहीं मिली किस्त तो क्या होगा
अगर किसी किसान का नाम स्टेट/UT गवर्नमेंट द्वारा पीएम किसान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है. लेकिन किसी वजह से उसे 2000 रुपये की किस्त नहीं मिलती है तो उस कारण के समाधान के बाद उसे यह ड्यू उसके खाते में भेजा जाएगा.

लेकिन अगर किसी वजह से किसान का नाम सरकार द्वारा रिजेक्ट किया जाता है तो वह इसका पात्र नहीं होगा. किस्त आने में देरी की वजह कई हो सकती हैं, जैसे कि रजिस्ट्रेशन में गलत नाम, पता या बैंक अकाउंट की जानकारी देना. इसे सुधारने के बाद जो किस्त उसे नहीं मिली है, वह भी अगली किस्त के साथ खाते में भेज दी जाएगी.

सबसे पहले आपको देखना चाहिए कि कहीं कोई जानकारी तो गलत नहीं दे दी है. फार्मर कार्नर पर क्लिक करने के बाद Benificary status पर क्लिक करें. जिसके बाद वहां आधार नंबर, अकाउंट नंबर और फोन नंबर का विकल्प दिखेगा.

यहां आप देख सकते हैं कि आपकी सूचना सही है या नहीं. अगर गलत है तो इसे सही करा सकते हैं. अगर आपका आवेदन किसी डॉक्युमेंट (आधार, मोबाइल नंबर या बैंक खाता) की वजह से रुका है तो वह डॉक्युमेंट भी ऑनलाइन अपलोड भी कर सकते हैं.

PM Kisan की हेल्पलाइन पर लें जानकारी
पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर:155261
पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
पीएम किसान लैंडलाइन नंबर: 011—23381092, 23382401
पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन है: 0120-6025109
ई-मेल आईडी: [email protected]


प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

नई दिल्ली: देशभर में महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर केंद्र सरकार कई अहम कदम उठा रही है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनाई गयी है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रही महिलाओं को सरकार द्वारा 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

यह सहायता राशि सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में जाती है। वर्ष 2019 के सितंबर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया है कि इस योजना के तहत कुल 4000 करोड़ से अधिक की राशि लाभार्थियों को वितरित कर दी गई है। इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलता है जो दैनिक वेतनमान पर काम कर रही हैं या फिर जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है।

कैसे होता है भुगतान ?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मात्र पहली जीवित संतान पर मिलता है। सरकार इस योजना के तहत तीन चरण में रुपये का भुगतान करती है। इस योजना की पहली किस्त में गर्भवस्था के रजिस्ट्रेशन के समय 1000 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी किस्त का भूगतान गर्भवती महिला के छह महीने पूरे पर किया जाता है। इसमें महिला को 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इससे गर्भवती महिला को इलाज और दवाओं के खर्च में सहायता मिलती है।

वहीं तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान मां बनने के बाद बच्चे के जन्म के पंजिकरण के दौरान किया जाता है। तीसरी किस्त में भी 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तीसरी किस्त का भुगतान तब किया जाता है जब नवजात बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B की पहली वैक्सीन लगा दी जाती है। इसके अलावा एक हजार का अतिरिक्त लाभ जननी सुरक्षा योजना के तहत महिला को प्रसव के ही दौरान दे दिया जाता है।

योजना का उददेश्य
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करना।

ऐसे करें आवेदन
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जाता है। महिलाएं वहां जा कर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं।

आवेदन के लिए जरूरी डॉक्युमेंट
आधार कार्ड की फोटोकॉपी

बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता की पासबुक

आधार न होने पर पहचान संबंधी अन्य विकल्प

पीचएसी या सरकारी अस्पताल से जारी स्वास्थ्य कार्ड

सरकारी विभाग/कंपनी/संस्थान से जारी कर्मचारी पहचान पत्र


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