PM-KISAN Scheme: इन किसान परिवारों को नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ, जानें

PM-KISAN Scheme: इन किसान परिवारों को नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ, जानें

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय स्कीम है। इस योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी। इस स्कीम का लक्ष्य सभी जोत वाले किसानों को अतिरिक्त आय उपलब्ध कराना है। इस स्कीम के तहत सरकार लाभार्थी किसानों को हर वित्त वर्ष में 6,000 रुपये की नकद सहायता उपलब्ध कराती है। ऐसे में सरकार हर चार माह पर लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की रकम सीधे ट्रांसफर करती है। हालांकि, सरकार द्वारा तय की गई कुछ शर्तों की वजह से कुछ किसान परिवार इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं। हालांकि, अब जोत भूमि के आकार की सीमा समाप्त हो गई है।


पीएम किसान योजना की जब शुरुआत हुई थी तो इसका लाभ केवल ऐसे किसानों को मिल सकता था, जिनके पास कुल दो हेक्टेयर तक की कृषि योग्य जमीन हो। इसका मतलब है कि यह स्कीम छोटे एवं सीमांत किसान परिवारों तक सीमित थी। हालांकि, जून 2019 में इस स्कीम से जुड़ी शर्तों में संशोधन किया गया है और कृषि योग्य भूमि के आकार से जुड़ी बाध्यता खत्म कर दी गई। इसका मतलब है कि अगर आपके पास ज्यादा जमीन है तो भी आपको इस योजना का लाभ मिलेगा।

हालांकि, इसके बावजूद कुछ ऐसे कृषक परिवार हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता हैः

संस्थागत किसान इस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकते हैं। 
अगर कोई व्यक्ति किसी संवैधानिक पद पर आसीन है या रह चुका है और खेती-किसानी करता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। 
राज्य या केंद्र सरकार या पब्लिक सेक्टर कंपनी या सरकारी स्वायत्त संगठनों के सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारी (मल्टी टास्किंग या ग्रुप डी या चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को छोड़कर)
10,000 रुपये से ज्यादा की मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता है। हालांकि यह नियम भी मल्टी टास्किंग, ग्रुप डी या चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों पर लागू नहीं होता है। 
पिछले असेसमेंट वर्ष में आयकर भरने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंट और प्रोफेशनल संगठनों के साथ रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट्स PM Kisan योजना के तहत लाभ उठाने के पात्र नहीं हैं।   


प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जानें क्या है उद्देश्य

नई दिल्ली: देशभर में महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर केंद्र सरकार कई अहम कदम उठा रही है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनाई गयी है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रही महिलाओं को सरकार द्वारा 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

यह सहायता राशि सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में जाती है। वर्ष 2019 के सितंबर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया है कि इस योजना के तहत कुल 4000 करोड़ से अधिक की राशि लाभार्थियों को वितरित कर दी गई है। इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलता है जो दैनिक वेतनमान पर काम कर रही हैं या फिर जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है।

कैसे होता है भुगतान ?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मात्र पहली जीवित संतान पर मिलता है। सरकार इस योजना के तहत तीन चरण में रुपये का भुगतान करती है। इस योजना की पहली किस्त में गर्भवस्था के रजिस्ट्रेशन के समय 1000 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी किस्त का भूगतान गर्भवती महिला के छह महीने पूरे पर किया जाता है। इसमें महिला को 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इससे गर्भवती महिला को इलाज और दवाओं के खर्च में सहायता मिलती है।

वहीं तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान मां बनने के बाद बच्चे के जन्म के पंजिकरण के दौरान किया जाता है। तीसरी किस्त में भी 2000 रुपये का भुगतान किया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि तीसरी किस्त का भुगतान तब किया जाता है जब नवजात बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B की पहली वैक्सीन लगा दी जाती है। इसके अलावा एक हजार का अतिरिक्त लाभ जननी सुरक्षा योजना के तहत महिला को प्रसव के ही दौरान दे दिया जाता है।

योजना का उददेश्य
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करना।

ऐसे करें आवेदन
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जाता है। महिलाएं वहां जा कर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं।

आवेदन के लिए जरूरी डॉक्युमेंट
आधार कार्ड की फोटोकॉपी

बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता की पासबुक

आधार न होने पर पहचान संबंधी अन्य विकल्प

पीचएसी या सरकारी अस्पताल से जारी स्वास्थ्य कार्ड

सरकारी विभाग/कंपनी/संस्थान से जारी कर्मचारी पहचान पत्र


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