स्‍मार्ट मीटर को लेकर वैशाली के मीटर रीडर की स्‍मार्टनेस नहीं आई काम, पीसनी पड़ सकती है चक्‍की

स्‍मार्ट मीटर को लेकर वैशाली के मीटर रीडर की स्‍मार्टनेस नहीं आई काम, पीसनी पड़ सकती है चक्‍की

स्‍मार्ट मीटर को लेकर ज्‍यादा स्‍मार्टनेस दिखाना एक मीटर रीडर को भारी पड़ गया है। अब उसे कानून के शिकंजे में फंसना पड़ा है। दरअसल हाजीपुर शहर समेत पूरे जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर (Smart Meter) को लेकर विभाग का मीटर रीडर ही अफवाह फैला रहा था। वह उपभोक्‍ताओं को भ्रामक जानकारी देकर मीटर लगाने से बचने को कह रहा था। इस आरोप में विद्युत आपूर्ति प्रशाखा कोनहारा घाट के कनीय विद्युत अभियंता राहुल किशोर कुमार ने मीटर रीडर रंजीत कुमार के खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सरकारी योजना को असफल बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। अब पुलिस मामले की अनुसंधान में जुट गई है।   

घरों में लगाए जा रहे हैं स्‍मार्ट मीटर    

मीटर रीडर रंजीत कुमार पर दर्ज कराए गए प्राथमिकी में कनीय विद्युत अभियंता राहुल किशोर कुमार ने कहा है कि बिहार सरकार की ओर से नई योजना के तहत शहरी क्षेत्र में उपभोक्‍ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। इस कार्य का शुभारंभ डीएम उदिता सिंह कर चुकी हैं। स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही ईडीएफ एवं मेसर्स एकलव्य इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की ओर से विभाग को सूचना दी गई है कि मीटर रीडिंग एजेंसी बीसीआइटीएस प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत मीटर रीडर रंजीत कुमार के स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में भ्रामक प्रचार करते हुए उपभोक्ताओं को हतोत्साहित किया जा रहा है। इस कारण उपभोक्‍ताओं में इसको लेकर रुचि नहीं दिख रही। 


सरकारी योजना को असफल करने का कर रहा प्रयास 

हाजीपुर नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे स्मार्ट मीटर लगाने की सरकारी योजना को असफल करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इसी मंशा को लेकर रंजीत कुमार उपभोक्ताओं के बीच अनर्गल बयानबाजी कर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे है। इस सूचना के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकारी कार्य में व्यवधान डालने वाले मीटर पर प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की है। दर्ज प्राथमिकी के आलोक में पुलिस मामले की जांच कर रही है। 


बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

राज्य के सभी 534 अंचलों में माडर्न रिकार्ड रूम के लिए डाटा इंट्री आपरेटर (Data Entry Operator) की नियुक्ति इसी महीने होगी। आनलाइन परीक्षा के जरिए इनका चयन हो चुका है। बेल्ट्रान ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंप दी है। इनकी ज्वाइनिंग और पोस्टिंग के बारे में निर्णय लेने के लिए विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बुधवार को बैठक की। निदेशक, भू अभिलेख जय सिंह, संयुक्त सचिव  कंचन कपूर एवं एलआईएस सलाहकार अखिलेश कुमार झा समेत अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। तय हुआ कि सभी आपरेटरों को ज्ञान भवन में एकसाथ नियुक्ति पत्र दिया जाए। इसके लिए 20 सितम्बर को कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। 

गृह प्रमंडल में पुरुष कर्मियों को पोस्टिंग नहीं

इसमें प्रशिक्षण सामग्री और किट भी दिए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यशाला में इन्हें तकनीकी बिन्दुओं के बारे में  जानकारी दी जाएगी। पोस्टिंग के बारे में तय किया दगया कि किसी भी पुरुष कर्मी की नियुक्ति अपने प्रमंडल में नहीं होगी। महिला कर्मी की नियुक्ति गृह जिला के बाहर एवं होगी। यह गृह प्रमंडल के जिलों में उनकी पोस्टिंग हो सकती है। नियुक्ति के बाद सभी कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए गृह जिले के किसी अन्य अंचल में कुछ दिनों के लिए भेजा जाएगा। 

छह दिनों का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

पोस्टिंग के बाद नवनियुक्त डाटा इंट्री आपरेटर को छह दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह  60-60 कर्मियों के बैच में दिया जाएगा। पीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि  फिलहाल 163 मॉडर्न रिकार्ड रूम कार्य शुरू करने की स्थिति में हैं। अन्य अंचलों के रिकार्ड रूम भी जल्द तैयार होंगे। डाटा इंट्री आपरेटर जमीन से जुड़ी सेवाओं के अलावा सेवा के अधिकार वाले विषयों में सीओ की अनुमति से प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। इससे अंचल अधिकारियों के काम का बोझ कम होगा और आम लोगों को समय सीमा के भीतर सेवा मिल पाएगी।