बिहार में आयोग से नियुक्त प्रधानाध्‍यापकों का मूल वेतन होगा 35 हजार

बिहार में आयोग से नियुक्त प्रधानाध्‍यापकों का मूल वेतन होगा 35 हजार

राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से बहाल होने वाले प्रधानाध्यापकों का मूल वेतन 35 हजार रुपये (Basic Salary will be 35000)  होगा। मूल वेतन में महंगाई भत्ता एवं आवास भत्ता सहित अन्य भत्ते की राशि जुड़ेगी। राज्य सरकार द्वारा प्रधानाध्यापकों के सृजित किए गए 5334 पद नए वेतन संरचना के हैं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों के 40518 पद भी नये वेतन संरचना के हैं। प्रधान शिक्षकों का मूल वेतन 30 हजार रुपये होगा। मूल वेतन में महंगाई भत्ता एवं आवास भत्ता सहित अन्य भत्ते की राशि जुड़ेगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी।

बीपीएससी को भेजी जाएगी 45,852 पदों पर बहाली की अधियाचना

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी (Minister of Education Vijay Kumar Choudhary) के मुताबिक प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के कुल 45,852 सृजित किए हैं जिस पर मंत्रिपरिषद की मंजूरी (Cabinet Approval) मिल चुकी है। अब विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत विभाग के स्तर से बिहार लोक सेवा आयोग को सृजित पदों पर प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की लिखित परीक्षा के आधार पर नियुक्ति करने हेतु अधियाचना शीघ्र भेजी जाएगी। इसकी प्रक्रिया की जा रही है। 

शिक्षा के स्‍तर में आएगा गुणात्‍मक सुधार 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की बहाली से विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मक व प्रशासनिक सुधार पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को प्रशासनिक अधिकार भी दिए जाएंगे। राज्य में माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायतों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गए हैं। ऐसे 5,334 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त किए जाने हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 1,087 माध्यमिक विद्यालय खोले गये हैं, जो उच्च माध्यमिक हो चुके हैं। इनमें भी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति होनी है। 


बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

बिहार में 534 डाटा इंट्री आपरेटरों को जल्‍द मिलेगी नौकरी, माडर्न रिकार्ड रूम में की जाएगी पोस्टिंग

राज्य के सभी 534 अंचलों में माडर्न रिकार्ड रूम के लिए डाटा इंट्री आपरेटर (Data Entry Operator) की नियुक्ति इसी महीने होगी। आनलाइन परीक्षा के जरिए इनका चयन हो चुका है। बेल्ट्रान ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंप दी है। इनकी ज्वाइनिंग और पोस्टिंग के बारे में निर्णय लेने के लिए विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बुधवार को बैठक की। निदेशक, भू अभिलेख जय सिंह, संयुक्त सचिव  कंचन कपूर एवं एलआईएस सलाहकार अखिलेश कुमार झा समेत अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। तय हुआ कि सभी आपरेटरों को ज्ञान भवन में एकसाथ नियुक्ति पत्र दिया जाए। इसके लिए 20 सितम्बर को कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। 

गृह प्रमंडल में पुरुष कर्मियों को पोस्टिंग नहीं

इसमें प्रशिक्षण सामग्री और किट भी दिए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यशाला में इन्हें तकनीकी बिन्दुओं के बारे में  जानकारी दी जाएगी। पोस्टिंग के बारे में तय किया दगया कि किसी भी पुरुष कर्मी की नियुक्ति अपने प्रमंडल में नहीं होगी। महिला कर्मी की नियुक्ति गृह जिला के बाहर एवं होगी। यह गृह प्रमंडल के जिलों में उनकी पोस्टिंग हो सकती है। नियुक्ति के बाद सभी कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए गृह जिले के किसी अन्य अंचल में कुछ दिनों के लिए भेजा जाएगा। 

छह दिनों का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

पोस्टिंग के बाद नवनियुक्त डाटा इंट्री आपरेटर को छह दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह  60-60 कर्मियों के बैच में दिया जाएगा। पीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि  फिलहाल 163 मॉडर्न रिकार्ड रूम कार्य शुरू करने की स्थिति में हैं। अन्य अंचलों के रिकार्ड रूम भी जल्द तैयार होंगे। डाटा इंट्री आपरेटर जमीन से जुड़ी सेवाओं के अलावा सेवा के अधिकार वाले विषयों में सीओ की अनुमति से प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। इससे अंचल अधिकारियों के काम का बोझ कम होगा और आम लोगों को समय सीमा के भीतर सेवा मिल पाएगी।