जाने क्या है बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और आप कैसे कर सकते है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन

जाने क्या है बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना और आप कैसे कर सकते है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन

बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना हरित कृषि संयंत्र योजना के बारे में बताने जा रहे हैं हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको यह बताएँगे कि किस प्रकार आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं। और किस तरह आप ऑनलाइन आवेदन करके अपने फॉर्म सबमिट करवा सकते हैं। आपको बता दे कि बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओं में से एक है। बिहार के किसान कृषि से सम्बंधित मशीनों को खरीदने के लिए अक्सर असमर्थ होते हैं, जिससे उन्हें कृषि कार्य में कई अड़चने आती हैं, और उसका असर कृषि पर भी पड़ता है. लेकिन बिहार राज्य सरकार, अपने राज्य के किसानों की मुश्किलों को कम करते हुए मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना लेकर आ रही है, बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के तहत बिहार सरकार सभी किसान जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं, सीधे राज्य सरकार से कृषि से सम्बंधित मशीनों को किराए पर ले सकते हैं। और इसके लिए उन्हें केवल नाममात्र का किराया देना होगा। तो चलिए बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना से जुड़ी अन्य जानकारियां आप हमारे इस आर्टिकल  के माध्यम से ले सकते हैं।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 की विशेषताएं (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Objectives)
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2022 तक किसानों की आये को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। और इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत सरकार किसानों के हित मे कई योजनाओ का संचालन भी कर रही है। और अब इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्य के किसानों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है जिसका नाम मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना रखा है मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के अंतर्गत राज्य के किसान खेती-बाड़ी से जुड़े मशीनों को खरीदने के लिए असमर्थ होते हैं। यानी कि किसान के पास कृषि संयंत्र के लिए रुपए नहीं है उनके लिए राज्य सरकार की तरफ से कृषि यंत्र खरीदने के लिए बिहार राज्य सरकार कृषि यंत्र देने जा रही है। ताकि बिहार राज्य के किसानों को खेती करा आसान हो सके। तो अगर आप बिहार राज्य में मूल रूप से निवास करते है और इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना का लाभ लेना चाहते है तो यह आर्टिकल आपको काफी हद तक सहायता करेगा।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 के लिए जरुरी दस्तावेज (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Required Documents)
आवासीय पात्रता:- इस योजना का लाभ बिहार के किसानों को प्रदान किया जाना है। अतः इसके लिए आवेदन करते समय उन्हें अपना आवासीय प्रमाण जमा करना आवश्यक है।

पहचान के लिए:- इस योजना में जुड़ने वाले सभी किसानों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड की फोटोकॉपी आवेदन फॉर्म के साथ जमा करनी होगी।

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Yojana 2021: Online Registration)
इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना की अधिकारिक तौर पर घोषणा बिहार केबिनेट कमिटी द्वारा की गई है। इस योजना में स्थापित किये जाने वाले कृषि संयंत्र बैंक के निर्माण में कुछ समय लगेगा। इस मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के लिए अभी तक ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। इसलिए इस योजना को लागू करने की एवं इसमें आवेदन करने की प्रक्रिया की घोषणा अभी नहीं की गई है। जैसे ही इसकी घोषणा की जाएगी, हम अपने आर्टिकल के जरिये सारी जानकारी को अपडेट कर देंगे। कुछ समय पहले सरकार ने किसानों की आय को दोगुनी करने का फैसला लिया था। ऐसे में यह योजना का लागू होना, इसके लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अतः इस योजना से राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने एवं सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना है।


बिहार सरकार ने स्वास्थ्य संविदाकर्मियों का वेतन बढ़ाया

बिहार सरकार ने स्वास्थ्य संविदाकर्मियों का वेतन बढ़ाया

बिहार सरकार ने आखिरकार संविदा पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन बढ़ा दिया है. कुछ दिनों पहले अपनी मांगों को लेकर संविदा पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गये थे. हाईकोर्ट के आदेश पर हडताल टूटी थी, बदले में उन्हें ये आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों पर विचार कर फैसला लिया जायेगा. सरकार ने आज उनके मानदेय में वृद्धि का आदेश जारी कर दिया. संविदा पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के मासिक वेतन में कम से कम 4 हजार रूपये का इजाफा किया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्ति सचिव राम ईश्वर ने मंगलवार को पत्र निकाला है. इसमें कहा गया है कि 25 फरवरी 2021 के प्रभाव से संविदाकर्मियों के वेतन में वृद्धि की जायेगी. स्वास्थ्य विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों का वेतन निर्धारण मूल वेतन में मंहगाई भत्ता औऱ दूसरे भत्तों को जोड़ कर किया जाता है. बिहार में संविदा पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों के 30 पद हैं. उन सभी पदों के लिए मासिक वेतन का निर्धारण पहले 7 अगस्त 2019 के तत्कालीन बाजार दर किया गया था. सरकार ने अब 22 जनवरी 2021 के बाजार दर पर उनके वेतन का फिर निर्धारण किया है.

सरकार की ओऱ से वेतन का फिर से निर्धारण करने के बाद

-संविदा पर काम करने वाले लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ECG टेक्नीशियन, EMG टेक्नीशियन, NCV  टेक्नीशियन, होल्टर टेक्नीशियन, रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन, EEG टेक्नीशियन, ईको टेक्नीशियन, वरीय रेडियोग्राफर का मासिक वेतन 32 हजार से बढा कर 37 हजार रूपये कर दिया गया है.

-शल्य कक्ष सहायक, दंत स्वास्थ्य विज्ञानी, कुर्सी साईड परिचारक, फोटोग्राफर, कलाकार, प्रोग्रामर, गोल्ड वर्क डेंटल मैकेनिक, स्वागती, ए.सी टेक्नीशियन, शारीरिक निदेशक औऱ प्राचार्य के सचिव का वेतन 28 हजार से बढाकर 32 हजार कर दिया गया है.

-बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक्सरे मैकेनिक का वेतन 22 हजार से बढाकर 25 हजार किया गया है.

-सहायक लाइब्रेरियन का वेतन 22 हजार से बढाकर 32 हजार रूपये किया गया है.

-परिधापक, विद्युत सहायक, पुरूष कक्ष सेवक को 20 के बदले 25 हजार मासिक वेतन मिलेगा.

-जनसंपर्क पदाधिकारी के वेतन को 39 हजार से बढाकर 43 हजार कर दिया गया है.

चिकित्सक शिक्षकों के वेतन में बड़ी वृद्धि

-प्रथम वर्ष सीनियर रेजिडेंट ट्यूटर के वेतन में 25 हजार का इजाफा हुआ है. उन्हें पहले 60 हजार मासिक वेतन मिलता था, अब 85 हजार रुपए मिलेगा. 

-सेकेंड इयर सीनियर रेजिडेंट ट्यूटर के वेतन को भी 25 हजार बढ़ाकर 65 हजार से 90 हजार रुपये कर दिया गया है. 

-थर्ड इयर सीनियर रेजिडेंट ट्यूटर के वेतन में भी 25 हजार की वृद्धि हुई है. उन्हें 70 हजार के बदले 95 हजार रुपये मिलेंगे.