पीएम मोदी ने दिया इस देश को बड़ा तोहफा, इन बड़ी परियोजनाओं का किया शुभांरभ

पीएम मोदी ने दिया इस देश को बड़ा तोहफा, इन बड़ी परियोजनाओं का किया शुभांरभ

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार को बड़ी सौगात दी। कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, उसके पहले आज पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र की तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। बता दें कि इस पेट्रोलियम प्रेजेक्ट में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन के दुर्गापुर-बांका खंड का विस्तार और दो एलपीजी बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं।

लाइव अपडेट्स
रघुवंश प्रसाद जी नहीं रहे, मैं उन्हें मन करता हूं: पीएम मोदी
कार्यक्रम की शुरुआत में मुझे एक दु:खद खबर आपके साथ साझा करना है। बिहार के दिग्गज नेता श्रीमान रघुवंश प्रसाद सिंह हमारे बीच नहीं रहे हैं। मैं उनको नमन करता हूं। रघुवंश बाबू के जाने से बिहार और देश की राजनीति में शून्य पैदा हुआ है।

मैं नीतीश जी से आग्रह करूंगा कि रघुवंश प्रसाद जी ने अपनी आखिरी चिट्ठी में जो भावना प्रकट की है उसको परिपूर्ण करने के लिए आप और हम मिलकर पूरा प्रयास करें।

रघुवंश जी जिन आदर्श को लेकर चले थे, जिनके साथ चले थे, उनके साथ चलना उनके लिए संभव नहीं रहा था। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री जी को अपनी एक विकास के कामों की सूची भेज दी। बिहार के लोगों की, बिहार के विकास की चिंता उस चिट्ठी में प्रकट होती है।

बिहार एग्रीकल्चर, मेडिकल इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ी है: पीएम मोदी
आज बिहार में शिक्षा के बड़े-बड़े केंद्र खुल रहे हैं। अब एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है। अब राज्य में IIT, IIM, ट्रिपल IT, बिहार के नौजवानों के सपनों को ऊंची उड़ान देने में मदद कर रहे हैं।

हम बिहार के हर एक सेक्टर के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं, हर एक सेक्टर की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहे हैं, ताकि बिहार विकास की नई उड़ान भरे। उतनी ऊंची उड़ान भरे जितना ऊंचा बिहार का सामर्थ्य है।

कला, संगीत, स्वादिष्ट खाने की हर जगह तारीफ: पीएम मोदी
बिहार की कला, यहां का संगीत, यहां का स्वादिष्ट खाना, इसकी तारीफ तो पूरे देश में होती ही है। आप किसी दूसरे राज्य में भी चले जाइए, बिहार की ताकत, बिहार के श्रम की छाप आपको हर राज्य के विकास में दिखेगी।

बिहार के बेटा-बेटी देश सेवा में भी आगे: पीएम मोदी
जब मैं कहता हूं कि बिहार देश की प्रतिभा का पावरहाउस है, ऊर्जा केंद्र है तो ये कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बिहार के युवाओं की यहां की प्रतिभा का प्रभाव चारो तरफ है। भारत सरकार में भी बिहार के कितने बेटे-बेटियां हैं जो देश की सेवा कर रहे है।

पहले बिहार में LPG गैस कनेक्शन के लिए मारामारी: पीएम मोदी
एक समय था जब बिहार में LPG गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी होता था। एक-एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। जिसके घर गैस होती थी, वो माना जाता था कि बहुत बड़े घर-परिवार से है। लेकिन बिहार में अब ये अवधारणा बदल चुकी है।

इन प्लांट्स से बिहार के बांका, भागलपुर, जमुई, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों, झारखंड के गोड्डा, पाकुड़, देवघर, दुमका, साहिबगंज जिलों और यूपी के कुछ क्षेत्रों की LPG से जुड़ी जरूरतें पूरी होंगी।

आज 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास गैस कनेक्शन मौजूद
उज्जवला योजना की वजह से आज देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास भी गैस कनेक्शन मौजूद है। इस योजना से गरीब के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, ये कोरोना के दौरान हम सभी ने फिर महसूस किया है।

गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला: पीएम मोदी
कुछ वर्ष पहले जब बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई थी, तो उसमें बहुत फोकस राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर था। मुझे खुशी है कि इसी से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट के दुर्गापुर- बांका सेक्शन का लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला है।

वैश्विक महामारी में भी बिहार रुका नहीं है, बिहार थमा नहीं: पीएम मोदी
कोरोना संक्रमण अभी भी हमारे बीच में मौजूद है। ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’ दो गज की दूरी साबुन से हाथ की नियमित सफाई यहां-वहां थूकने से मनाही चेहरे पर मास्क इन जरूरी बातों का हमें खुद भी पालन करना है और दूसरों को भी याद दिलाते रहना है।

इतनी बड़ी वैश्विक महामारी देश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनेकों परेशानियां लेकर आई है। लेकिन इन परेशानियों के बाद भी देश रुका नहीं है, बिहार रुका नहीं है, बिहार थमा नहीं है।

नौजवानों को स्किल बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाए: पीएम मोदी
स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना आदि योजनाओं ने बिहार के नौजवानों को स्वरोजगार के लिए जरूरी राशि मुहैया कराई है। सरकार का प्रयास ये भी है कि जिला स्तर पर बिहार के नौजवानों को स्किल बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाए।

आज बिहार के गांवों में बिजली की दशा सुधरी: पीएम मोदी
बिहार में बिजली की क्या स्थिति थी, ये जगजाहिर है। गांवों में 2-3 घंटे बिजली आ गई तो बहुत माना जाता था। शहरों में भी 8-10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती थी। आज बिहार के गांवों में, शहरों में बिजली की उपलब्धता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हुई है।

पीएम मोदी ने किया पेट्रोलियम क्षेत्र से जुडी तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन
बिहार में चुनाव से पहले जहां सभी राजनीतिक दल वोट बैंक बढ़ाने में जुट गए हैं,वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार को आज बड़ी सौगात दी। उन्होंने एलपीजी संबधी तीन परियोजनाओं की शुरुआत की।

इसमें पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन के दुर्गापुर-बांका खंड का विस्तार और दो एलपीजी बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं। उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में इंडियन ऑयल और एचपीसीएल, पीएसयू के जरिए कमीशन किया गया है।

राज्यमंत्री अश्विनी चौधरी के सम्बोधन
कार्यक्रम की शुरुआत राज्यमंत्री अश्विनी चौधरी के सम्बोधन से हुई। उन्होंने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा प्रधानमंत्री ने साल 2018 में जो वादा किया था, वो पूरा किया। बिहार के लिए इतना योगदार दिया। बिहार के लाखों लोगों को आपके वादे से बड़ी योजनाओं कलाभ मिल पा रहा है।

इसके बाद केंद्रीय पेट्रोलियम, इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सम्बोधित किया। बिहार को 6 साल में मिशन पूर्वोदय की ओर लाने के लिए पीएम मोदी ने कल्पना की और उसे साकार किया।

सीएम नीतीश कुमार का सम्बोधन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा की पिछले 15 सालों से हम राज्य के हर क्षेत्र के विकास में लगे हुए हैं। कोई क्षेत्र हमसे न छूटे इसका प्रयास करते रहे लेकिन पीएम मोदी के मार्ग दर्शन में हम अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़े बिहार को और विकसित और उन्नत बनाएंगे। सीएम नीतीश ने RJD के दिग्गज नेता रहे रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर भी शोक व्यक्त किया।


किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

कृषि कानूनों का लेकर जारी किसानों की नाराजगी के बीच उनके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत 12 लाख किसानों को लाभ मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभर्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड देने जा रही है। ये लाभ खासकर यूपी के किसानों के लिए है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 12 लाख लाभर्थियों को KCC मिलने वाला
दरअसल, उत्तर प्रदेश के निवासी किसान, जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हैं, को योगी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी करने जा रही है। इसके लिए लाभार्थी आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से 12 लाख लोगों को फायदा होगा। यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस बाबत बातचीत चल रही है।

मौजूदा समय पर यूपी में प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना के कुल 2.43 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें से 1.53 करोड़ किसानों ने केसीसी बनवा लिया है, जबकि, करीब 90 लाख किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन भी नहीं किया है।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
लाभार्थियों के लिए ये जानना जरुरी है कि किसान क्रेडिट कार्ड होता क्या है, और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा। बैंक क्रेडिट कार्ड की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड होता है, जो किसानों को खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक आदि खरीदने के लिए आसानी से लोन देता है। ख़ास बात ये होती है कि इस कार्ड से लोन बहुत सस्ता मिलता है। 2 से 4 फीसदी की दर से ही ब्याज देना होता है। हालंकि इसके इस्तेमाल को लेकर एक शर्त ये होती है कि समय पर लोन का पुनर्भुगतान कर दिया जाए।

ये भी जानकारी देनी होती है कि किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है।

फॉर्म भरने के लिए आवेदक को आईडी प्रूफ जैसे-वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए होता है। अड्रेस प्रूफ भी इनका इस्तेमाल होता है।

किसान क्रेडिट कार्ड को आवेदक किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक(RRB) से हासिल कर सकते हैं।

इसके अलावा SBI, BOI और IDBI बैंक से भी KCC लिया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा किसे?
KCC केवल किसानी और खेती करने वालो को ही नहीं मिलता, बल्कि पशुपालन और मछलीपालन करने वालों को भी 2 लाख रुपये तक का कर्ज लेने की सहुलियत देता है। वह जमीनी खेती करता हो या न करता हो, लेकिन खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।

इसके लिए उम्र भी निर्धारित है। कम से कम 18 साल और अधिकतम 75 साल के लोग आवेदन कर सकते हैं। अगर किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।