PM Kisan Yojana का 451 किसानों ने लिया लाभ, अब साढ़े 32 लाख रुपए वसूलेगी सरकार

PM Kisan Yojana का 451 किसानों ने लिया लाभ, अब साढ़े 32 लाख रुपए वसूलेगी सरकार

कृषि विभाग के ऑफिसरों के गलती के कारण झारखंड के बोकारो में आयकर देने वाले 451 किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा ले लिया है वैसे किसानों से 32.4 लाख रुपए की वसूली करने की तैयारी बोकारो जिले में की जा रही है इसके लिए सभी आयकर देने वाले किसानों को नोटिस भेजा जा रहा है ऐसे जिले में आयकर देने वाले किसानों की संख्या 693 है नोटिस भेजे जाने के बाद आयकर देने वाले किसानों की मुश्किल बढ़ेगी और उन्हें पैसे जल्द लौटाने होंगे जिले के अपर समाहर्ता सादात अनवर ने बताया कि अहर्ता नहीं रखने वाले किसानों के भुगतान पर सरकार स्तर से रोक लगाई जा रही है, जो भी अयोग्य लाभुकों की सूची सरकार से आई थी उसका सत्यापन करने का आदेश दिया गया है वसूली की राशि किस खाते में जमा की जानी है इस विषय में मार्गदर्शन भी मांगा जा रहा है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का फायदा ऐसे सैकड़ों लोग भी उठा लिए जो अर्हता नहीं रखते हैं प्रथम एवं दूसरे किस्‍त की राशि भी संबंधित लोगों ने ले लिया है लिहाजा केन्द्र सरकार स्तर से ही अब संबंधित आयकर देने वालों से राशि वसूली की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है बोकारो में भी ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया गया है, जो इनकम टैक्स दाता हैं और किसान सम्मान योजना का फायदा ले लिया ऐसे लोगों से 33.06 लाख रुपये की वसूली होगी इसमें से 451 लोगों ने कम से कम पहली किस्त की राशि दो हजार रुपए ली है ऐसे में संबंधित किसानों से राशि वसूली के लिए नोटिस भेजा जा रहा है इस विषय में अपर समाहर्ता सादात अनवर ने बताया कि अर्हता नहीं रखने वाले किसानों का भुगतान पर रोक सरकार स्तर से ही लगाई जा रही है

दरअसल, सरकार ने कर देने वाले किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना से बाहर रखा गया था इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में टैक्सपेयर किसान इस योजना ने कैसे शामिल हो गए, यह एक बड़ा प्रश्न है कृषि विभाग के ऑफिसरों की गलती के कारण पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा अयोग्य लाभुकों को भी मिल गया इस योजना के लाभुकों के चयन में कृषि विभाग ने केन्द्र के दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया आनन-फानन में लाभुकों के खाते में दो-दो हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये गये लाभुकों की यह सूची पिछले वर्ष (2018) की पीएम फसल बीमा योजना से तैयार कर ली गयी थी इसमें कई वैसे लाभुकों को भी पैसा मिल गया, जो कर देते हैं या सरकारी सेवा से रिटायर हुए हैं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपए दिए जाते हैं यह रक़म सीधे किसानों के खाते में जाती है सीमांत किसान से मतलब ऐसे किसानों से है, जो अधिकतम एक हेक्टेयर यानी 2.5 एकड़ तक ज़मीन पर खेती करते हैं छोटे किसानों की परिभाषा में ऐसे किसान आते हैं, जो एक हेक्टेयर से दो हेक्टेयर तक ज़मीन यानी पाँच एकड़ तक ज़मीन पर खेती करते हैं इनकम टैक्स चुकाने वालों को इस स्कीम के दायरे से बाहर रखा गया था साथ ही ऐसे रिटायर्ड लोग, जिनकी पेंशन 10,000 रुपए या उससे ज़्यादा है, उन्हें भी इस स्कीम का फायदा नहीं मिल सकता है.केंद्र सरकार ने 2019 में इस स्कीम को लॉन्च किया था

किस प्रखंड में कितने से होगी वसूलीबेरमो प्रखंड में 5 लघु किसान जिन्होंने 16 किस्तों में ₹32000 लिए हैं चंदनकियारी में 65 अयोग्य लाभुकों ने 292 किस्तों में ₹548000 लिए ,चंद्रपुरा प्रखंड में 36 आयोग लाभुकों ने 117 किस्तों में ₹234000 लिए, चास प्रखंड में 83 किसानों ने 225 किस्तों में 4.50 लाख, गोमिया प्रखंड में 55 आयोग लाभुकों ने 228 किस्तों में ₹456000 ले लिए जरीडीह में 44 आयोग लाभुकों ने 140 किस्तों में ₹280000, कसमार में 74 लाभुकों ने 247 किस्तों में ₹494000, नावाडीह में 45 आयोग लाभुकों ने 193 किस्तों में ₹386000 और पेटरवार प्रखंड में 44 आयोग लागू होने 144 किस्तों में ₹288000 की राशि ले ली


किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

कृषि कानूनों का लेकर जारी किसानों की नाराजगी के बीच उनके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत 12 लाख किसानों को लाभ मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभर्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड देने जा रही है। ये लाभ खासकर यूपी के किसानों के लिए है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 12 लाख लाभर्थियों को KCC मिलने वाला
दरअसल, उत्तर प्रदेश के निवासी किसान, जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हैं, को योगी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी करने जा रही है। इसके लिए लाभार्थी आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से 12 लाख लोगों को फायदा होगा। यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस बाबत बातचीत चल रही है।

मौजूदा समय पर यूपी में प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना के कुल 2.43 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें से 1.53 करोड़ किसानों ने केसीसी बनवा लिया है, जबकि, करीब 90 लाख किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन भी नहीं किया है।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
लाभार्थियों के लिए ये जानना जरुरी है कि किसान क्रेडिट कार्ड होता क्या है, और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा। बैंक क्रेडिट कार्ड की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड होता है, जो किसानों को खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक आदि खरीदने के लिए आसानी से लोन देता है। ख़ास बात ये होती है कि इस कार्ड से लोन बहुत सस्ता मिलता है। 2 से 4 फीसदी की दर से ही ब्याज देना होता है। हालंकि इसके इस्तेमाल को लेकर एक शर्त ये होती है कि समय पर लोन का पुनर्भुगतान कर दिया जाए।

ये भी जानकारी देनी होती है कि किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है।

फॉर्म भरने के लिए आवेदक को आईडी प्रूफ जैसे-वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए होता है। अड्रेस प्रूफ भी इनका इस्तेमाल होता है।

किसान क्रेडिट कार्ड को आवेदक किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक(RRB) से हासिल कर सकते हैं।

इसके अलावा SBI, BOI और IDBI बैंक से भी KCC लिया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा किसे?
KCC केवल किसानी और खेती करने वालो को ही नहीं मिलता, बल्कि पशुपालन और मछलीपालन करने वालों को भी 2 लाख रुपये तक का कर्ज लेने की सहुलियत देता है। वह जमीनी खेती करता हो या न करता हो, लेकिन खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।

इसके लिए उम्र भी निर्धारित है। कम से कम 18 साल और अधिकतम 75 साल के लोग आवेदन कर सकते हैं। अगर किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।