PM Kisan Yojana में हो चुके हैं ये बड़े बदलाव, जान लें आवेदन करने से पहले

PM Kisan Yojana में हो चुके हैं ये बड़े बदलाव, जान लें आवेदन करने से पहले

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अनुसार किसानों को सालना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. ग्राहकों को 2-2 हजार रुपये की तीन किस्त के जरिए यह पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है. पीएम किसान योजना 2019 में लॉन्च की गई थी और तब से लेकर अबतक इसमें कुछ अहम परिवर्तन किए जा चुके हैं.

अगर आप इस योजना के पात्र हैं और आवेदन करना चाहते हैं तो पहले यह जान लें कि आखिर वे कौन से परिवर्तन हैं जिन्हें समय के साथ इस स्कीम को और बेहतर बनाने के लिए किया गया है.

1. योजना की आरंभ में केवल वही किसान योजना के पात्र थे जिनके पास 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ जमीन थी. पर हिंदुस्तान में 14.5 करोड़ किसानों को योजना का फायदा देने के लिए, नरेन्द्र मोदी सरकार ने भूमि जोत की सीमा को हटा दिया.


2. यदि आप पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा लेने की सोच रहे हैं तो आपके पास एक वैध आधार नंबर होना चाहिए. आधार के बिना, आप इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते. सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार जरूरी किया हुआ है.

3. पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद सेल्फ रजिस्ट्रेशन विकल्प के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. यदि आपके पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर और जमीन की जानकारी है तो आप pmkisan.nic.in पर ‘Farmer Corner’ पर जाकर सरलता से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

4. सरकार ने पीएम किसान पोर्टल पर लाभ पाने वाले के स्टेट्स को चेक करने के लिए एक नयी सर्विस जोड़ी है. आप इसके जरिए अपने आवेदन की करेंट स्टेट्स की जाँच कर सकते हैं और साथ ही यह भी जान सकते हैं कि आपको अब तक कितनी किस्त मिली है.

5. किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) को भी पीएम किसान योजना से जोड़ दिया गया है. इससे पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी के लिए आवेदन करना सरल हो गया. किसानों को केसीसी के जरिए 4 प्रतिशत की दर से 3 लाख रुपये तक का लोन मिलता है.


किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

कृषि कानूनों का लेकर जारी किसानों की नाराजगी के बीच उनके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत 12 लाख किसानों को लाभ मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभर्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड देने जा रही है। ये लाभ खासकर यूपी के किसानों के लिए है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 12 लाख लाभर्थियों को KCC मिलने वाला
दरअसल, उत्तर प्रदेश के निवासी किसान, जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हैं, को योगी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी करने जा रही है। इसके लिए लाभार्थी आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से 12 लाख लोगों को फायदा होगा। यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस बाबत बातचीत चल रही है।

मौजूदा समय पर यूपी में प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना के कुल 2.43 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें से 1.53 करोड़ किसानों ने केसीसी बनवा लिया है, जबकि, करीब 90 लाख किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन भी नहीं किया है।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
लाभार्थियों के लिए ये जानना जरुरी है कि किसान क्रेडिट कार्ड होता क्या है, और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा। बैंक क्रेडिट कार्ड की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड होता है, जो किसानों को खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक आदि खरीदने के लिए आसानी से लोन देता है। ख़ास बात ये होती है कि इस कार्ड से लोन बहुत सस्ता मिलता है। 2 से 4 फीसदी की दर से ही ब्याज देना होता है। हालंकि इसके इस्तेमाल को लेकर एक शर्त ये होती है कि समय पर लोन का पुनर्भुगतान कर दिया जाए।

ये भी जानकारी देनी होती है कि किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है।

फॉर्म भरने के लिए आवेदक को आईडी प्रूफ जैसे-वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए होता है। अड्रेस प्रूफ भी इनका इस्तेमाल होता है।

किसान क्रेडिट कार्ड को आवेदक किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक(RRB) से हासिल कर सकते हैं।

इसके अलावा SBI, BOI और IDBI बैंक से भी KCC लिया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा किसे?
KCC केवल किसानी और खेती करने वालो को ही नहीं मिलता, बल्कि पशुपालन और मछलीपालन करने वालों को भी 2 लाख रुपये तक का कर्ज लेने की सहुलियत देता है। वह जमीनी खेती करता हो या न करता हो, लेकिन खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।

इसके लिए उम्र भी निर्धारित है। कम से कम 18 साल और अधिकतम 75 साल के लोग आवेदन कर सकते हैं। अगर किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।