PM Kisan के 1.38 करोड़ घट गए लाभार्थी, इस तरह से करें चेक

PM Kisan के 1.38 करोड़ घट गए लाभार्थी, इस तरह से करें चेक

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अनुसार आने वाली सातवीं किस्त अबतक नहीं आई है. हर चार महीने पर मिलने वाली  2000 रुपये की किस्त किसानों के खाते में एक दिसंबर से आने की आसार थी, लेकिन कई राज्यों में इस योजना के अनुसार फर्जीवाड़े की खबरें आई थीं. इसको देखते हुए लाभार्थियों की संख्या 11 करोड़ 35 लाख से घटकर 9 करोड़ 97 लाख रह गई है.

पीएम किसान पोर्टल पर दो दिन पहले यह संख्या 11 करोड़ 35 लाख थी. यही नहीं किस्त-दर-किस्त योजना का फायदा लेने वाले किसानों की संख्या घटती जा रही है. पीएम किसान पोर्टल के अनुसार पहली किस्त  10.52 करोड़ किसानों को मिली थी, वहीं दूसरी किस्त  9.97 करोड़, तीसरी  9.05 करोड़, चौथी  7.83 करोड़ और पांचवीं किस्त 6.58 करोड़ किसानों तक पहुंची, जबकि छठी किस्त पाने वाले किसानों की संख्या केवल  3.84 करोड़ रह गई है. ऐसे में सातवीं किस्त पाने वाले किसानों की संख्या इससे कम रह सकती है.

क्यों हो रही कमी

अब केन्द्र और प्रदेश सरकार फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों से पैसे वसूलने की तैयारी कर रही है. बता दें कि महाराष्ट्र में आयकर चुकाने वाले लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान योजना के अनुसार सालाना 6000 रुपये दे दिए गए. जबकि, इस योजना का फायदा केवल वही किसान उठा सकते हैं, जिनके पास अपनी जमीन है और वे आयकर नहीं भरते हैं. इसका फायदा उन किसानों को भी नहीं मिलेगा, जिन्हें 10 हजार रुपये मासिक पेंसन या डिविडेंड मिलता है.

अपात्र लोग उठा रहे थे फायदा

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में ऐसे 2.30 लाख किसानों को सम्मान निधि का भुगतान कर दिया गया है, जो कर भरते हैं. जाँच में यह केस सामने आया है कि ऐसे किसानों को कुल 208.5 करोड़ रुपये दे दिए गए. अब सरकार इनसे इस राशि वसूलने जा रही है. वहीं तमिलनाडु में 5.95 लाख लाभार्थियों के खातों की जाँच की गई, जिसमें से 5.38 लाख फर्जी निकले. ऐसे लोगों से सरकार वसूली कर रही है.  ऐसी ही फर्जीवाड़े की समाचार कई अन्य राज्यों से भी मिली है, जिसमें लाखों अपात्र किसान इस योजना का फायदा ले रहे थे.

नई लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

  • वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं. 
  • होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं. 
  • यहां ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करें.
  • इसके बाद अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें
  • इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट

लिस्ट में नाम न होने पर इस नंबर पर करें शिकायत: कई लोगों के नाम पिछली लिस्ट में था, लेकिन नयी लिस्ट में नहीं है तो इसकी कम्पलेन आप पीएम किसान सम्मान के हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए आप हेल्पलाइन नंबर 011-24300606 पर कॉल कर सकते हैं. 

आइए जानें और किन-किन लोगों को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा

1-जो लोग खेती की जमीन का इस्तेमाल कृषि काम की स्थान दूसरे कामों में कर रहे हैं. बहुत से किसान दूसरों के खेतों पर किसानी का कार्य तो करते हैं, लेकिन खेत के मालिक नहीं होते. ऐसे किसान इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते.

2-यदि कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम नहीं है तो उसे इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा. यदि खेत उसके पिता या दादा के नाम है  तब भी वे इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते.

3-अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री उन्हें पीएम किसान योजना का फायदा नहीं मिलता. प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंट ेंट  या इनके परिवार के लोगों को भी  इस योजना का लाभ नहीं मिलता.

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4-अगर कोई आदमी खेत का मालिक है, लेकिन उसे 10000 रुपये महीने से अधिक पेंशन मिलती है, वह इस योजना के लाभ पाने वाले नहीं हो सकते. वहीं आयकर चुकाने वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.


किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार की बड़ी योजना, अब मिलेगी सबको राहत

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कृषि कानूनों का लेकर जारी किसानों की नाराजगी के बीच उनके लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत 12 लाख किसानों को लाभ मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभर्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड देने जा रही है। ये लाभ खासकर यूपी के किसानों के लिए है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 12 लाख लाभर्थियों को KCC मिलने वाला
दरअसल, उत्तर प्रदेश के निवासी किसान, जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हैं, को योगी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी करने जा रही है। इसके लिए लाभार्थी आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से 12 लाख लोगों को फायदा होगा। यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस बाबत बातचीत चल रही है।

मौजूदा समय पर यूपी में प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना के कुल 2.43 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें से 1.53 करोड़ किसानों ने केसीसी बनवा लिया है, जबकि, करीब 90 लाख किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन भी नहीं किया है।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
लाभार्थियों के लिए ये जानना जरुरी है कि किसान क्रेडिट कार्ड होता क्या है, और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा। बैंक क्रेडिट कार्ड की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड होता है, जो किसानों को खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक आदि खरीदने के लिए आसानी से लोन देता है। ख़ास बात ये होती है कि इस कार्ड से लोन बहुत सस्ता मिलता है। 2 से 4 फीसदी की दर से ही ब्याज देना होता है। हालंकि इसके इस्तेमाल को लेकर एक शर्त ये होती है कि समय पर लोन का पुनर्भुगतान कर दिया जाए।

ये भी जानकारी देनी होती है कि किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है।

फॉर्म भरने के लिए आवेदक को आईडी प्रूफ जैसे-वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए होता है। अड्रेस प्रूफ भी इनका इस्तेमाल होता है।

किसान क्रेडिट कार्ड को आवेदक किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक(RRB) से हासिल कर सकते हैं।

इसके अलावा SBI, BOI और IDBI बैंक से भी KCC लिया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा किसे?
KCC केवल किसानी और खेती करने वालो को ही नहीं मिलता, बल्कि पशुपालन और मछलीपालन करने वालों को भी 2 लाख रुपये तक का कर्ज लेने की सहुलियत देता है। वह जमीनी खेती करता हो या न करता हो, लेकिन खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।

इसके लिए उम्र भी निर्धारित है। कम से कम 18 साल और अधिकतम 75 साल के लोग आवेदन कर सकते हैं। अगर किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।