एडवेंचर का मजा उठाने के लिए एक बार इन सड़कों पर करें ड्राइव

एडवेंचर का मजा उठाने के लिए एक बार इन सड़कों पर करें ड्राइव

हर कोई लॉन्ग ड्राइव का दीवाना होता है। लोग इसके लिए लोग वीकेंड पर एक शहर से दूसरी शहर की यात्रा अपनी गाड़ी से करते हैं। इस बारे में उनका कहना होता है कि इससे उन्हें शहर को नजदीक से जानने और स्थानीय व्यंजनों का भी स्वाद चखने का मौका मिल जाता है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो एडवेंचर के शौक़ीन होते हैं और स्टंट करने के लिए लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं। अगर आप भी एडवेंचर के शौक़ीन हैं और खतरनाक सड़कों पर ड्राइव करना चाहते हैं, तो इन सड़कों पर एक बार जरूर ड्राइव करें। विशेषज्ञों की मानें तो इन सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए विशेष हुनर की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं-

यह सड़क सिक्किम में स्थित है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 11200 फुट है। इस सड़क पर 100 से अधिक हेयरपिन जैसी घुमावदार मोड़ हैं। इसके लिए Three Level Zigzag Road पर ड्राइव करना बेहद मुश्किल होता है। इस सड़क पर ड्राइव करने के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है। हृदय रोग के मरीजों को जाने की अनुमति नहीं है। यहां से आप हिमालय का अनुपम नजारा देख सकते हैं।


कोल्ली हिल

तमिलनाडु से महज 47 किलोमीटर की दूरी पर कोल्ली हिल्स है। ये हिल्स बेहद खतरनाक हैं। इस कोल्ली हिल्स पर 70 से अधिक घुमावदार मोड़ हैं, जिन पर ड्राइव करना आसान नहीं होता है। इस हिल को मौत की घाटी भी कहा जाता है। हालांकि, घने जंगल और खूबसूरत वादी हिल्स की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।

रोहतांग पास


रोहतांग पास का नाम अपने सुना होगा। यह मनाली से 53 किलोमीटर दूर है। इस सड़क पर कई खतनाक मोड़ हैं। यह उत्तर भारत में सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है। रोहतांग पास जून से लेकर अक्टूबर महीने तक खुला रहता है। इसके बाद बर्फ़बारी के चलते सड़क मार्ग बंद हो जाता है। इस सड़क पर सावधानी से ड्राइव अनिवार्य है। इसके अलावा, आप मुन्नार रोड, चांग-ला, राष्ट्रीय राजमार्ग-22 आदि सड़कों पर भी एडवेंचर का आनंद उठा सकते हैं।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।