दोस्तों के साथ हॉलिडे सेलिब्रेट करने के लिए ये जगह हैं परफेक्ट डेस्टिनेशन

दोस्तों के साथ हॉलिडे सेलिब्रेट करने के लिए ये जगह हैं परफेक्ट डेस्टिनेशन

भागदौड़ भरी जिंदगी में शुकून पाने के लिए घूमने-फिरने के साथ-साथ परिवार वालों और दोस्तों के साथ कुछ समय बिताना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप देश के कई जगहों पर पिकनिक या हॉलिडे सेलिब्रेट के लिए जा सकते हैं। हालांकि, कोरोना काल में यात्रा के दौरान आवश्यक सावधानियां जरूर बरतें। इसके लिए हर समय मास्क पहनकर रहें। शारीरिक दूरी का ध्यान रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथों की साफ-सफाई जरूर करें। अपने चेहरे, नाक और मुंह को बार-बार न छूएं। अगर आप भी कोरोना काल में दोस्तों के साथ हॉलिडे सेलिब्रेट करना चाहते हैं, तो इन जगहों पर जरूर जाएं। आइए जानते हैं-

खज्जियार

चंपा में स्थित एक छोटा सा पर्यटन स्थल है, जो डलहौजी से 24 किलोमीटर दूर है। खज्जियार पश्चिमी हिमालय के भव्य पर्वत की तलहटी में बसा है। पठानकोट रेलवे स्टेशन स्टेशन से खज्जियार की दूरी लगभग 95 किलोमीटर है। यह पर्यटन स्थल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। खज्जियार में कई धार्मिक स्थल हैं। इनमें नागा मंदिर, शिव मंदि और हडिंबा देवी का मंदिर प्रसिद्ध है। पैराग्लाइडिंग के लिए भी खज्जियार जाना जाता है। आप अपने दोस्तों के साथ खज्जियार में पैराग्लाइडिंग का भी आनंद उठा सकते हैं।

विल्सन हिल

गुजरात का एक खास हिल स्टेशन है, जो सूरत के पास धर्मपुर तहसील में स्थित है। यह हिल स्टेशन बेहद खूबसूरत है। अक्सर शांतिप्रिय लोग विल्सन हिल आते हैं। प्रकृति के खूबसूरत सुंदर नजारों के साथ-साथ यहां कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी हैं, जिनमें बरूमल शिव मंदिर, जिला विज्ञान केंद्र, लेडी विल्सन म्यूजियम, बिलपुड़ी ट्विन वाटरफॉल्स, ओजोन घाटी, सूर्योदय और सूर्यास्त प्वाइंट, संगमरमर छतरी, शंकर झरना पॉइंट आदि शामिल हैं। इन जगहों पर जाकर आप हॉलिडे ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

रिंबिक

रिंबिक पश्चिम बंगाल का एक शानदार गांव है। अपने आगंतुकों को एकांत और शांति प्रदान करता है। साथ ही यहां कई आकर्षक स्थल भी हैं, जिनमें कंचनजंगा का मनोरम दृश्य कैची डेस्टिनेशन है। यहां का पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क भी काफी मशहूर है। प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ रिंबिक ट्रैकिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। जब कभी मौका मिले, तो दोस्तों के साथ मस्ती करने के लिए रिंबिक जरूर जाएं।

लोहाघाट

प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित लोहाघा एक हिल स्टेशन है। इतिहासकार की मानें तो 11वीं और 12वीं शताब्दी में लोहाघाट पर चंद वंश का शासन था। लोहाघाट में कई मंदिर हैं। साथ ही बाणासुर का किला काफी मशहूर है। अन्य पर्यटन स्थलों में पंचेश्वर मंदिर, मायावती आश्रम, माउंट एबट आदि हैं। इन जगहों पर आप दोस्तों के साथ हॉलिडे सेलिब्रेट कर सकते हैं।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।