सितंबर महीने में हनीमून सेलिब्रेट करने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं देश की ये जगहें

सितंबर महीने में हनीमून सेलिब्रेट करने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं देश की ये जगहें

आधुनिक समय में शादी को लेकर कपल्स बेहद उत्साहित रहते हैं। इसके लिए कपल्स ढ़ेर सारी तैयारियां करते हैं। कई कपल्स हनीमून पर कहां जाना है, कितने दिन ठहरना है और कौन से कपड़े पहनने हैं। इन सब चीजों की भी तैयारी कर लेते हैं। वहीं, कई कपल्स शादी के बाद हनीमून का प्लान करते हैं। हालांकि, हनीमून डेस्टिनेशन को लेकर कपल्स असमंजस में रहते हैं कि हनीमून को यादगार बनाने के लिए कहां जाएं? खासकर कोरोना काल में भीड़भाड़ जगहों पर जानें से परहेज करना चाहिए। अगर आप भी सितंबर महीने में हनीमून पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो भारत की इन जगहों पर जरूर जाएं। आइए, इन हनीमून डेस्टिनेशन के बारे में विस्तार से जानते हैं-

कश्मीर

कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। कश्मीर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। अगर आप हनीमून को लाइफटाइम यादगार बनाना चाहते हैं, तो कश्मीर जरूर जाएं। कश्मीर में कई विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। इनमें एक डल झील है। आप यहां पर बोटिंग का आनंद उठाने के साथ ही कुछ पल प्रकृति के साथ बिता सकते हैं।

अलेप्पी, केरल

केरल प्री वेडिंग शूट, रोमांटिक वेकेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, हनीमून और बेबीमून के लिए प्रसिद्ध है। हर साल काफी संख्या में कपल्स केरल आते हैं। केरल अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। दक्षिण भारत के इस राज्य में कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं। इनमें एक अलेप्पी है। कपल्स के लिए यह बेहद पॉपुलर डेस्टिनेशन है। आप अलेप्पी जाकर हनीमून को यादगार बना सकते हैं।

ऊटी, तमिलनाडु

तमिलनाडु राज्य के नीलगिरि जिले में स्थित ऊटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। काफी संख्या में पर्यटक औऱ कपल्स वेकेशन के लिए ऊटी जाते हैं। इसके लिए आप भी हनीमून मनाने ऊटी जा सकते हैं। पर्यटन में कई अन्य पर्यटन स्थल हैं। खासकर बरसात के दिनों में लोग नीलगिरि जलप्रपात, मंकी जलप्रपात और होगेनक्कल जलप्रपात देखने जाते हैं।

अंडमान निकोबार

हनीमून के लिए अंडमान निकोबार परफेक्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। अंडमान में सूर्यास्त का समय सबसे अहम होता है। इस समय फोटोशूट के लिए काफी संख्या में लोग बीच पर रहते हैं। इसके अलावा, आप बीच पर बोटिंग, सर्फिंग, फिशिंग, स्किंग आदि का आनंद उठा सकते हैं। इस जगह पर हर मौसम में जा सकते हैं।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।