कोरोना काल में हरिद्वार कुंभ मेला जाने से पहले जान लें नया नियम

कोरोना काल में हरिद्वार कुंभ मेला जाने से पहले जान लें नया नियम

कोरोना वायरस महामारी के बीच हरिद्वार में कुंभ मेला की शुरुआत हो चुकी है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मेला होता है। इस मेले में देश और दुनिया से लोग आते हैं। ऐसी मान्यता है कि शाही स्नान के दिन पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं। इस मौके पर गंगा समेत पवित्र नदियों में लोग नहाते हैं। इस बीच कोरोना के दूसरे लहर के चलते संक्रमितों की संख्या में बड़ी तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी है। इसके चलते राज्य सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है। अगर आप भी शाही स्नान के लिए हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो नया नियम जरूर जान लें-

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हरिद्वार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। अन्य दिनों में भी श्रद्धालु हरिद्वार जरूर आते हैं। इसके अलावा, पर्यटक भी बड़ी संख्या में हरिद्वार घूमने आते हैं। इस मद्देनजर राज्य सरकार ने 12 राज्यों के लोगों के लिए कोरोना नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत पर्यटकों और श्रधालुओं को अपने साथ RT-PCR नेगेटिव टेस्ट लाना अनिवार्य होगा। इस बारे में और अधिक जानकारी देते हुए सीएम तीरथ सिंह ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं को गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।


खबरों की मानें तो महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, हरयाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के लोगों को हरिद्वार में प्रवेश के लिए  RT-PCR नेगेटिव टेस्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, RT-PCR नेगेटिव टेस्ट 72 घंटे पहले की होनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के पास RT-PCR नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट नहीं होगी अन्यथा 72 घंटे से अधिक पुरानी होगी, तो उसे हरिद्वार में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। आपको बता दें कि 12, 14, 27 अप्रैल को शाही स्नान है। इस दिन काफी संख्या में श्रद्धालु आ सकते हैं। इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।


जानिए, मीठे से लेकर तीखे तक की यहां मिलेगी ढेरों वैराइटी, मिस न करें महाराष्ट्र के ये जायके

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खाने की बात आए तो इंडिया की हर एक जगह अपनी कुछ न कुछ खासियत बटोरे हुए है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक हर एक जगह का खानपान अलग होने के साथ ही इतना खास है कि एक बार खाने के बाद आप उसे भूल नहीं पाएंगे। महाराष्ट्र का खानपान भी कुछ ऐसा ही नहीं। यहां की ज्यादातर डिशेज़ स्वाद में खट्टी-मीठी होती हैं जो लोगों को बहुत पसंद आती हैं। पोहा या हो मिसल पाव या फिर रगड़ा पेटीज़, इनकी लोकप्रियता का अंदाजा आप गुजरात, लखनऊ और दिल्ली आकर भी देख सकते हैं। तो एक नज़र डालेंगे यहां के जायकों पर।कढ़ी

कढ़ी, महाराष्ट्रियन खानपान का बहुत ही खास हिस्सा है। जिसकी ग्रेवी काबुली चने से तैयार की जाती है और कई सारे सब्जियों को मिलाकर बनता है इसका पकौड़ा। ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें दही मिक्स किया जाता है। स्वाद के लिहाज से ही नहीं, इस डिश को गर्मियों में लोग हेल्दी रहने के लिए भी खाते हैं। कढ़ी के साथ चावल परोसा जाता है लेकिन कुछ लोग इसे मूंगदाल खिचड़ी के साथ भी एन्जॉय करते हैं। 

बासुंदी

ये एक स्वीट डिश है। इसमें दूध को धीमी आंच पर बहुत देर तक पकाया जाता है जब तक कि वो आधा न रह जाए। इसके बाद इसमें चीनी, इलायची और केसर मिक्स किया जाता है जो इसका स्वाद दोगुना कर देता है। वैसे इसे और भी कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें कस्टर्ड एप्पल बासुंदी और अंगूर बासुंदी बहुत मशहूर है।

महाराष्ट्रियन दाल

महाराष्ट्र में बनने वाली इस दाल की दूर तक फैली खुशबू ही भूख को बढ़ाने के लिए काफी होती है। खासतौर से विदर्भ में बनने वाली इस दाल को अब गोवा और कर्नाटक में भी बहुत चाव के साथ बनाया और खाया जाता है। इसे एक या दो नहीं बल्कि 51 अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। 

पिठला भाखरी

यहां इसे किसानों का खाना कहते हैं। इसे बनाने में न ही बहुत ज्यादा चीज़ों की जरूरत होती है और न ही समय की। पिठला को चावल के साथ सर्व किया जाता है जो थोड़ा लिक्विड रूप में होता है। ड्राय पिठला रोटी के साथ बहुत ही अच्छा लगता है।

पोहा

सुबह हो या शाम नाश्ते में सर्व करने के लिए पोहा है परफेक्ट डिश। पोहे को कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें सबसे ज्यादा मशहूर है कांदा पोहा, जिसे बहुत सारे प्याज के साथ बनाया जाता है।  इसके अलावा बटाटा पोहा जिसमें आलू के टुकड़े होते हैं। एक और दूसरे तरह का पोहा जिसे नारियल, हरी मिर्च, अदरक और नींबू के रस से बनाया जाता है। सुबह होते ही यहां के दुकानों पर पोहा बनना शुरू हो जाता है। जो लाइट और हेल्दी होता है।

भारली वांगी

वैसे तो ये भरवां बैगन होते हैं लेकिन इन्हें बनाने का तरीका और स्वाद काफी अलग होता है। नारियल, प्याज, गुड़ और मराठी मसाले से तैयार होता है इसका भरावन। बैंगन का स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता लेकिन भारली वांगी का स्वाद चखने के बाद आप इसे भूल नहीं पाएंगे।

रगड़ा पेटिस

ये महाराष्ट्र का बहुत ही मशहूर स्ट्रीट फूड है। सूखी मटर से बनने वाली रगड़ा ग्रेवी को चटनी, बारीक कटे प्याज, टमाटर, सेव और हरी धनिया के साथ सजाकर परोसा जाता है। स्ट्रीट फूड के अलावा आप बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में भी इसका स्वाद ले सकते हैं। 

मिसल पाव

मिसल पाव भी यहां नाश्ते में सर्व की जाने वाली डिश है। महाराष्ट्र के अलावा पुणे और मुंबई के लोगों की भी पसंदीदा डिश में शामिल है मिसल पाव। चटपटी और मसालेदार सब्जी को पाव के साथ परोसा जाता है। मिसल को स्वाद और पसंद के हिसाब से कई तरीकों से बनाया जाता है। पुनेरी मिसल, नागपुरी मिसल, कोल्हापुरी मिस और मुंबई मिसल उनमें से एक है।

पूरन पोली

अगर आपको पराठे खाना पसंद हैं तो महाराष्ट्र आकर पूरन पोली का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। जिसमें गुड़, चना दाल, इलायची की स्टफिंग होती है। त्योहार और उत्सवों में बनने वाली इस डिश को नाश्ते से लेकर लंच या डिनर में कभी भी खाया जा सकता है।    

 तो महाराष्ट्र के खूबसूरत नजारे देखने के साथ ही यहां के जायकों को चखना बिल्कुल न भूलें खासतौर से स्ट्रीट फूड्स को क्योंकि ये रेस्टोरेंट के मुकाबले कहीं अधिक स्वादिष्ट होते हैं।