पर्यटकों के लिए खोला गया टाइगर रिजर्व, जानें

पर्यटकों के लिए खोला गया टाइगर रिजर्व, जानें

टाइगर रिजर्व की सफारी करने वालों के लिए खुशखबरी है। ख़बरों की मानें तो टाइगर रिजर्व को खोलने की तैयारी जोर-शोर से है और सभी तैयारियां पूरी भी कर ली गई हैं। इसके लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। देश के चुनिंदा टाइगर रिजर्व को 10 जून से खोल दिया गया है। अगर आप टाइगर रिजर्व में जाने की सोच रह रहे हैं तो जाने से पहले नए नियमों को जरूर जान लें-

-टाइगर रिजर्व में प्रवेश द्वार पर पर्यटकों, चालकों और गाइड्स के शरीर का तापमान मापा जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान औसत से अधिक रहता है तो उसे प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

- आने वाले सभी पर्यटकों को मास्क शील्ड और मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें चालक और गाइड्स भी शामिल हैं।

-टाइगर रिजर्व के मुख्य द्वार पर सभी गाड़ियों का आने और जाने वक्त सैनिटाइज़ किया जाएगा।

-पर्यटकों को शारीरिक दूरी का ख्याल रखना होगा। अगर कुछ लोग एक ही परिवार से हैं तो भी सोशल डिस्टैंस मेंटेन रखना होगा। -गाड़ियों को सभी प्रवेश द्वार पर डिसइनफैक्टेंट किया जाना अनिवार्य है।

-सफारी गाड़ियों में पर्यटकों के लिए सीटों की संख्या पहले के अनुपात में 50 फीसदी कम रहेगी। -65 साल से अधिक उम्र और 10 दस साल से कम उम्र के बच्चों को टाइगर्स रिजर्व में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अटेंडर जन्म तिथि की पुष्टि के लिए पर्यटकों से आधिकारिक प्रमाण पत्र की मांग कर सकता है।

-टाइगर्स रिजर्व में लैब की सुविधा है। अगर किसी व्यक्ति को कोई भी परेशानी होती है तो उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी जाएगी।

गौरतलब है कि राजस्थान के सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान और रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान को 10 जून से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। साथ ही कर्नाटक में नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान और बांदीपुर टाइगर्स रिजर्व को भी आज से खोल दिया गया है।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।