रांची में घूमने के लिए परफेक्ट हैं ये डेस्टिनेशन्स

रांची में घूमने के लिए परफेक्ट हैं ये डेस्टिनेशन्स

झारखंड की राजधानी रांची प्रदेश का तीसरा सबसे प्रसिद्ध शहर है। रांची को झरनों का शहर कहकर भी पुकारा जाता है। यह शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। साथ ही यह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का गृह नगर भी है। इसके अलावा, पर्यटन के लिए रांची भी जाना जाता है। इस शहर के आसपास घूमने के लिए कई परफेक्ट डेस्टिनेशन्स हैं। हर साल काफी संख्या में पर्यटक रांची घूमने आते हैं। अगर आपको रांची की इन खूबसूरत जगहों के बारे में नहीं पता है, तो आइए जानते हैं-

दसम जलप्रपात

रांची से महज 40 किलोमीटर दूरी पर दसम जलप्रपात स्थित है। यह रांची में सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। इसका उद्गम स्थल कचनी नदी है। स्थानीय भाषा में दसम का अर्थ जल का जमाव है। काफी संख्या में पर्यटन दसम जलप्रपात घूमने आते हैं।


टैगोर हिल

इस हिल का नाम रविंद्रनाथ टैगोर के नाम पर रखा गया है। इतिहासकारों की मानें तो यह जगह टैगोर की पसंदीदा जगहों में से एक था। यह 300 फ़ीट ऊंचाई पर स्थित है। टैगोर हिल पर्वतारोहियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

सूर्य मंदिर

यह मंदिर रांची से 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर संगमरमर से निर्मित है। इस मंदिर में 18 पहियों और 7 घोड़ों के रथ पर भगवान सूर्य विराजमान हैं। हर साल 25 जनवरी को सूर्य मंदिर के प्रांगण में मेले का आयोजन किया जाता है।


रांची झील

साल 1842 में रांची झील का निर्माण करवाया गया था। इस झील में बोटिंग की भी सुविधा है। काफी संख्या में पर्यटक रांची झील बोटिंग के लिए आते हैं।

पहाड़ी मंदिर

यह मंदिर समुद्रतल से 2140 फ़ीट ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिवजी की प्रतिमा स्थापित है। श्रधालु 300 सीढ़ियां चढ़कर शीर्ष पर पहुंचते हैं और बाबा का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।