अमेरिका ने कोरोना फ्री लोगों के लिए डिजिटल पास की व्यवस्था की, जानिए क्या है इसकी शर्तें

अमेरिका ने कोरोना फ्री लोगों के लिए डिजिटल पास की व्यवस्था की, जानिए क्या है इसकी शर्तें

कोरोना ने दुनिया के ज्यादातर देशों को अपनी गिरफ्त में लिया हुआ है। अमेरिका इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 3 करोड़ से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं, और साढ़े 5 लाख से ज्यादा लोगों की मौतें हुई है। इतनी बड़ी तबाही होने के बावजूद भी ये देश अपने आप को मज़बूत बनाया हुआ है। अब न्यूयॉर्क में सभी बिजनेस, इंटरटेनमेंट और स्पोर्ट वैन्यू को पूर्ण रूप से खोला जा रहा है जिसमें लोगों के भाग लेने के लिए डिजिटल पास की सुविधा दी जा रही है।

अमेरिका में कोरोना ने बेहद तबाही मचाई है उसके बावजूद इस देश को कभी भी पूरी तरह बंद नहीं किया गया। अब यहां वैक्सीनेशन अभियान तेज़ी से चल रहा है। इतनी बड़ी तबाही के बावजूद भी यहां काम को प्रमुखता दी जा रही है। न्यूयॉर्क ने इसी सिलिसिले में एक डिजिटल एप लॉन्च किया है जो कोरोना फ्री लोगों को कोविड-19 डिजिटल पास मुहैया कराएगा। इस डिजिटल पास से यह साबित होगा कि उस व्यक्ति ने कोरोना की दोनों डोज वैक्सीन ले ली है यह कोरोना निगेटिव है। इस डिजिटल पास से व्यक्ति अगर कहीं जाएगा तो उसे कोरोना फ्री माना जाएगा और उसका कामकाज प्रभावी तरीके से हो सकेगा।


क्यूआर कोड से लैस कहीं भी कोरोना स्टेट्स को जाना जा सकेगा:

न्यूयॉर्क में बिजनेस, स्पोर्ट और इंटरनमेंट वैन्यू को तेजी से खोला जा रहा है। इन जगहों पर सर्विस प्रभावित नहीं हो इसके लिए डिजिटल पास की व्यवस्था की जा रही है। न्यूयॉर्क अमेरिका का पहला राज्य है जिसने कोविड-19 के लिए डिजिटल पासपोर्ट की सुविधा प्रदान की है। इस पास को आईबीएम द्वारा विकसित किया गया है और यह फ्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोगों के लिए उपलब्ध है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को एक्सलसर पास नाम दिया गया है। यह मोबाइल एयरलाइन बोर्डिंग पास की तरह है। यूजर को सेक्योर क्यूआर कोड के साथ डिजिटल पास एक्सेस करने की सुविधा होगी। इसे स्मार्टफोन में सेव किया जा सकता है या इसका प्रिंट आउट निकाला जा सकता है। अगर किसी काम के लिए या किसी वैन्यू में व्यक्ति भाग लेने जाएगा तो वहां के लोग क्यूआर कोड से इसे एक्सेस कर उस व्यक्ति के कोरोना स्टेट्स को जान सकेंगे।


डिजिटल पास गोपनीयता और सुरक्षा का रखेगा ख्याल:

न्यूयॉर्क राज्य के अधिकारी का कहना है कि व्यक्ति का डाटा पूरी तरह सुरक्षित होगा और इसे गोपनीय भी रखा जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि पब्लिक हेल्थ और इकोनोमी का विकल्प पूरी तरह से दिग्भ्रमित करने वाला है क्योंकि दोनों विकल्पों में से किसी को भी छोड़ा नहीं जा सकता। चूंकि हमें बिजनेस को भी चलाना है और हेल्थ का भी ख्याल रखना है, इसलिए हमें सतर्कता के साथ व्यवस्था करनी होगी।

9.5 करोड़ लोगों को दी चुकी है वैक्सीन:

अमेरिका में वैक्सीनेशन ड्राइव को तेज कर दिया गया है। सेंटर फ़ॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक अब तक अमेरिका में 9.5 करोड़ लोगों को कम से कम वैक्सीन की पहली डोज दी चुकी है। इनमें 5.26 करोड़ लोगों को या तो जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज वाली वैक्सीन या फाइजर और मॉडर्ना की डबल डोज वाली वैक्सीन दी जा चुकी है।


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खाने की बात आए तो इंडिया की हर एक जगह अपनी कुछ न कुछ खासियत बटोरे हुए है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक हर एक जगह का खानपान अलग होने के साथ ही इतना खास है कि एक बार खाने के बाद आप उसे भूल नहीं पाएंगे। महाराष्ट्र का खानपान भी कुछ ऐसा ही नहीं। यहां की ज्यादातर डिशेज़ स्वाद में खट्टी-मीठी होती हैं जो लोगों को बहुत पसंद आती हैं। पोहा या हो मिसल पाव या फिर रगड़ा पेटीज़, इनकी लोकप्रियता का अंदाजा आप गुजरात, लखनऊ और दिल्ली आकर भी देख सकते हैं। तो एक नज़र डालेंगे यहां के जायकों पर।कढ़ी

कढ़ी, महाराष्ट्रियन खानपान का बहुत ही खास हिस्सा है। जिसकी ग्रेवी काबुली चने से तैयार की जाती है और कई सारे सब्जियों को मिलाकर बनता है इसका पकौड़ा। ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें दही मिक्स किया जाता है। स्वाद के लिहाज से ही नहीं, इस डिश को गर्मियों में लोग हेल्दी रहने के लिए भी खाते हैं। कढ़ी के साथ चावल परोसा जाता है लेकिन कुछ लोग इसे मूंगदाल खिचड़ी के साथ भी एन्जॉय करते हैं। 

बासुंदी

ये एक स्वीट डिश है। इसमें दूध को धीमी आंच पर बहुत देर तक पकाया जाता है जब तक कि वो आधा न रह जाए। इसके बाद इसमें चीनी, इलायची और केसर मिक्स किया जाता है जो इसका स्वाद दोगुना कर देता है। वैसे इसे और भी कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें कस्टर्ड एप्पल बासुंदी और अंगूर बासुंदी बहुत मशहूर है।

महाराष्ट्रियन दाल

महाराष्ट्र में बनने वाली इस दाल की दूर तक फैली खुशबू ही भूख को बढ़ाने के लिए काफी होती है। खासतौर से विदर्भ में बनने वाली इस दाल को अब गोवा और कर्नाटक में भी बहुत चाव के साथ बनाया और खाया जाता है। इसे एक या दो नहीं बल्कि 51 अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। 

पिठला भाखरी

यहां इसे किसानों का खाना कहते हैं। इसे बनाने में न ही बहुत ज्यादा चीज़ों की जरूरत होती है और न ही समय की। पिठला को चावल के साथ सर्व किया जाता है जो थोड़ा लिक्विड रूप में होता है। ड्राय पिठला रोटी के साथ बहुत ही अच्छा लगता है।

पोहा

सुबह हो या शाम नाश्ते में सर्व करने के लिए पोहा है परफेक्ट डिश। पोहे को कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें सबसे ज्यादा मशहूर है कांदा पोहा, जिसे बहुत सारे प्याज के साथ बनाया जाता है।  इसके अलावा बटाटा पोहा जिसमें आलू के टुकड़े होते हैं। एक और दूसरे तरह का पोहा जिसे नारियल, हरी मिर्च, अदरक और नींबू के रस से बनाया जाता है। सुबह होते ही यहां के दुकानों पर पोहा बनना शुरू हो जाता है। जो लाइट और हेल्दी होता है।

भारली वांगी

वैसे तो ये भरवां बैगन होते हैं लेकिन इन्हें बनाने का तरीका और स्वाद काफी अलग होता है। नारियल, प्याज, गुड़ और मराठी मसाले से तैयार होता है इसका भरावन। बैंगन का स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता लेकिन भारली वांगी का स्वाद चखने के बाद आप इसे भूल नहीं पाएंगे।

रगड़ा पेटिस

ये महाराष्ट्र का बहुत ही मशहूर स्ट्रीट फूड है। सूखी मटर से बनने वाली रगड़ा ग्रेवी को चटनी, बारीक कटे प्याज, टमाटर, सेव और हरी धनिया के साथ सजाकर परोसा जाता है। स्ट्रीट फूड के अलावा आप बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में भी इसका स्वाद ले सकते हैं। 

मिसल पाव

मिसल पाव भी यहां नाश्ते में सर्व की जाने वाली डिश है। महाराष्ट्र के अलावा पुणे और मुंबई के लोगों की भी पसंदीदा डिश में शामिल है मिसल पाव। चटपटी और मसालेदार सब्जी को पाव के साथ परोसा जाता है। मिसल को स्वाद और पसंद के हिसाब से कई तरीकों से बनाया जाता है। पुनेरी मिसल, नागपुरी मिसल, कोल्हापुरी मिस और मुंबई मिसल उनमें से एक है।

पूरन पोली

अगर आपको पराठे खाना पसंद हैं तो महाराष्ट्र आकर पूरन पोली का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। जिसमें गुड़, चना दाल, इलायची की स्टफिंग होती है। त्योहार और उत्सवों में बनने वाली इस डिश को नाश्ते से लेकर लंच या डिनर में कभी भी खाया जा सकता है।    

 तो महाराष्ट्र के खूबसूरत नजारे देखने के साथ ही यहां के जायकों को चखना बिल्कुल न भूलें खासतौर से स्ट्रीट फूड्स को क्योंकि ये रेस्टोरेंट के मुकाबले कहीं अधिक स्वादिष्ट होते हैं।