मायानगरी से रूबरू होने के लिए इन किलों का एक बार जरूर करें दीदार

मायानगरी से रूबरू होने के लिए इन किलों का एक बार जरूर करें दीदार

मायानगरी मुंबई बॉलीवुड के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, मुंबई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के लिए भी जाना जाता है। जैसे लाल बाग़ चा राजा, सिद्धि विनायक मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, मुंबा देवी मंदिर, हाजी अली दरगाह आदि प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। वहीं, जुहू चौपाटी, बैंड स्टैंड, गेटवे ऑफ़ इंडिया, नरीमन पॉइंट आदि दर्शनीय स्थल हैं। कोरोना वायरस महामारी से पहले प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग इन जगहों पर आते थे। वर्तमान समय में भी काफी संख्या में लोग मुंबई घूमने आते हैं। अगर आप भी मुंबई में हैं या जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन किलों का एक बार जरूर दीदार करें-

सेवरी किला

इस किले का निर्माण सन 1680 में प्रहरी के रूप में हुआ था। इसका निर्माण उस समय हुआ था, जब पुर्तगाली मुंबई में रहते थे। सेवरी किला में घुसने के लिए संकरा रास्ता है। यहां से आप बंदरगाह के अद्भुत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।


बांद्रा किला

इस किले का निर्माण सन 1640 में पुर्तगालियों द्वारा किया गया था और इसका इस्तेमाल प्रहरी के रुप में होता था। आज यह किला खंडहर में तब्दील हो चुका है, लेकिन काफी संख्या में पर्यटक बांद्रा किला जरूर आते हैं। जब कभी आपको मौका मिले, तो बांद्रा किला जरूर देखने जाएं।

वर्ली किला


इस किले का निर्माण सन 1675 में किया गया था। यहां से माहिम की खाड़ी का दीदार कर सकते हैं। जब मुंबई सात द्वीपों से बना शहर था। उस समय यह वर्ली गांव में था, जो मछुआरों का गांव था। किले में एक मंदिर भी है। आप वर्ली किले का भी दीदार कर सकते हैं।

बॉम्बे किला

यह सबसे पुराने किले में से एक है। इस किले का निर्माण उस समय हुआ था। जब पुर्तगालियों में मैनर हाउस का निर्माण करवाया था। यह जमीन 1554-1570 के बीच पुर्तगाल के राजा ओर्टा से लीज पर ली गई थी। जब कभी मुंबई जाएं, तो किलों का एक बार जरूर दीदार करें। 


जानिए, मीठे से लेकर तीखे तक की यहां मिलेगी ढेरों वैराइटी, मिस न करें महाराष्ट्र के ये जायके

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खाने की बात आए तो इंडिया की हर एक जगह अपनी कुछ न कुछ खासियत बटोरे हुए है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक हर एक जगह का खानपान अलग होने के साथ ही इतना खास है कि एक बार खाने के बाद आप उसे भूल नहीं पाएंगे। महाराष्ट्र का खानपान भी कुछ ऐसा ही नहीं। यहां की ज्यादातर डिशेज़ स्वाद में खट्टी-मीठी होती हैं जो लोगों को बहुत पसंद आती हैं। पोहा या हो मिसल पाव या फिर रगड़ा पेटीज़, इनकी लोकप्रियता का अंदाजा आप गुजरात, लखनऊ और दिल्ली आकर भी देख सकते हैं। तो एक नज़र डालेंगे यहां के जायकों पर।कढ़ी

कढ़ी, महाराष्ट्रियन खानपान का बहुत ही खास हिस्सा है। जिसकी ग्रेवी काबुली चने से तैयार की जाती है और कई सारे सब्जियों को मिलाकर बनता है इसका पकौड़ा। ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें दही मिक्स किया जाता है। स्वाद के लिहाज से ही नहीं, इस डिश को गर्मियों में लोग हेल्दी रहने के लिए भी खाते हैं। कढ़ी के साथ चावल परोसा जाता है लेकिन कुछ लोग इसे मूंगदाल खिचड़ी के साथ भी एन्जॉय करते हैं। 

बासुंदी

ये एक स्वीट डिश है। इसमें दूध को धीमी आंच पर बहुत देर तक पकाया जाता है जब तक कि वो आधा न रह जाए। इसके बाद इसमें चीनी, इलायची और केसर मिक्स किया जाता है जो इसका स्वाद दोगुना कर देता है। वैसे इसे और भी कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें कस्टर्ड एप्पल बासुंदी और अंगूर बासुंदी बहुत मशहूर है।

महाराष्ट्रियन दाल

महाराष्ट्र में बनने वाली इस दाल की दूर तक फैली खुशबू ही भूख को बढ़ाने के लिए काफी होती है। खासतौर से विदर्भ में बनने वाली इस दाल को अब गोवा और कर्नाटक में भी बहुत चाव के साथ बनाया और खाया जाता है। इसे एक या दो नहीं बल्कि 51 अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। 

पिठला भाखरी

यहां इसे किसानों का खाना कहते हैं। इसे बनाने में न ही बहुत ज्यादा चीज़ों की जरूरत होती है और न ही समय की। पिठला को चावल के साथ सर्व किया जाता है जो थोड़ा लिक्विड रूप में होता है। ड्राय पिठला रोटी के साथ बहुत ही अच्छा लगता है।

पोहा

सुबह हो या शाम नाश्ते में सर्व करने के लिए पोहा है परफेक्ट डिश। पोहे को कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें सबसे ज्यादा मशहूर है कांदा पोहा, जिसे बहुत सारे प्याज के साथ बनाया जाता है।  इसके अलावा बटाटा पोहा जिसमें आलू के टुकड़े होते हैं। एक और दूसरे तरह का पोहा जिसे नारियल, हरी मिर्च, अदरक और नींबू के रस से बनाया जाता है। सुबह होते ही यहां के दुकानों पर पोहा बनना शुरू हो जाता है। जो लाइट और हेल्दी होता है।

भारली वांगी

वैसे तो ये भरवां बैगन होते हैं लेकिन इन्हें बनाने का तरीका और स्वाद काफी अलग होता है। नारियल, प्याज, गुड़ और मराठी मसाले से तैयार होता है इसका भरावन। बैंगन का स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता लेकिन भारली वांगी का स्वाद चखने के बाद आप इसे भूल नहीं पाएंगे।

रगड़ा पेटिस

ये महाराष्ट्र का बहुत ही मशहूर स्ट्रीट फूड है। सूखी मटर से बनने वाली रगड़ा ग्रेवी को चटनी, बारीक कटे प्याज, टमाटर, सेव और हरी धनिया के साथ सजाकर परोसा जाता है। स्ट्रीट फूड के अलावा आप बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में भी इसका स्वाद ले सकते हैं। 

मिसल पाव

मिसल पाव भी यहां नाश्ते में सर्व की जाने वाली डिश है। महाराष्ट्र के अलावा पुणे और मुंबई के लोगों की भी पसंदीदा डिश में शामिल है मिसल पाव। चटपटी और मसालेदार सब्जी को पाव के साथ परोसा जाता है। मिसल को स्वाद और पसंद के हिसाब से कई तरीकों से बनाया जाता है। पुनेरी मिसल, नागपुरी मिसल, कोल्हापुरी मिस और मुंबई मिसल उनमें से एक है।

पूरन पोली

अगर आपको पराठे खाना पसंद हैं तो महाराष्ट्र आकर पूरन पोली का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। जिसमें गुड़, चना दाल, इलायची की स्टफिंग होती है। त्योहार और उत्सवों में बनने वाली इस डिश को नाश्ते से लेकर लंच या डिनर में कभी भी खाया जा सकता है।    

 तो महाराष्ट्र के खूबसूरत नजारे देखने के साथ ही यहां के जायकों को चखना बिल्कुल न भूलें खासतौर से स्ट्रीट फूड्स को क्योंकि ये रेस्टोरेंट के मुकाबले कहीं अधिक स्वादिष्ट होते हैं।