इन जायकों को चखे बिना अधूरी है आपकी गंगटोक यात्रा

इन जायकों को चखे बिना अधूरी है आपकी गंगटोक यात्रा

गंगटोक में सड़क के दोनों ओर अनूठी खाने-पीने की छोटी दूकानें, मिठाई की दूकानें, गिफ्ट स्टोर, तड़क-भड़क वाली दूकानें, रेस्टोरेंट और बार हैं। इसके अलावा एक और बाजार है- लाल बाजार, जो थोड़ा सस्ता है। खरीदारी के साथ ही ये जगह भोजन प्रेमियों की फेवरेट है। यहां की सड़कों पर कई खाने-पीने की दूकानों में गर्मागर्म मोमोज और चाऊमीन का आनंद लिया जा सकता है।

गंगटोक के स्थानीय व्यंजनों में स्वाद और महक का अद्भुत सम्मिश्रण है। स्वादिष्ट मोमोज की बात करें तो ये यहां सड़क के किनारे लगी दूकानों से लेकर महंगे रेस्टोरेंट सभी जगहों पर मिल जाएगी। इसके अलावा, ठंड में गर्म स्वादिष्ट सूप का आनंद लिया जा सकता है। पर्यटक सब्जी और मीट से बनने वाले तिब्बती नूडल सूप थुपका या खाने वाले जंगली बिच्छू बूटी के पत्ते से बनने वाली स्थानीय सिशनू सूप का आनंद ले सकते हैं। यह सभी स्थानीय व्यंजन अपने अनोखे स्वाद के लिए जाने जाते हैं।

गंगटोक में मशहूर है खाने-पीने की ये चीज़ें

खास है शपाले

सिक्‍किम में व्यंजनों और आहार की अपनी एक अनूठी संस्कृति है। यहां का एक खास व्‍यंजन है शपाले जो देखने में मोमोज और समोसे का रिश्‍तेदार लगता है। वैसे डीप फ्राई शपाले एक मीट पाई है।

स्‍पेशल सब्‍जी बाई

मिजोरम के लोगों का प्रिय व्यंजन है बाई जो मिली-जुली सब्जियों सं बनता है और जो चावल के साथ खाया जाता है। वैसे “ज़ू” नाम से यहां एक लोकप्रिय चाय भी है।

पसंदीदा पोर्क जाडो

मेघालय का भोजन मांस के पक्ष में झुका काफी हुआ होता है। ऐसा ही व्‍यंजन है पोर्क जाडो जो चावल और सूअर के मांस से बना एक मसालेदार व्यंजन है और लगभग हर अवसर पर खाया जाता है।

चटकारा है इरोंम्‍बा

मणिपुर में बनने वाली खास चटपटी चटनी है इरोंम्‍बा जो रोटी, चावल हर चीच के साथ खाई जाती है। एक अन्‍य डिश है नघुई नगोसिंग एक भुनी हुई बोनलेस मछली, टमाटर, नींबू के पत्ते, धनिया, अदरक और मिर्च से भरपूर एक स्‍पाइसी डिश है।

अपोंग

अपोंग एक चावल या बाजरा से बना स्थानीय पेय है। यह अरुणाचल प्रदेश की पारंपरिक ड्रिंक है, जो यहां के लोगों का पसंदीदा भी है। यह घर में बनाई जाने वाली बीयर है। इसमें कोई केमिकल नहीं होता और यह हल्का भी होता है।


इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

इंटरनेशनल पैसेंजर्स का कोरोना टेस्ट हुआ जरूरी, सी.1.2 वेरिएंट्स से निपटने की तैयारियां तेज

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट सी.1.2 के सामने आने के बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाले सभी भारत से बाहर के देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें ये कहा है कि 3 सितंबर से यूके, यूरोप, मिड ईस्ट, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबॉब्वे से मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी है। गौरतलब है कि नया कोविड वेरिएंट सी.1.2 पहली बार साउथ अफ्रीका में मिला था।

पुराने नियम खारिज

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पुराने नियम रद्द हो जाएंगे, जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लगा होना और 65 साल से ज्यादा उम्र के वृद्धों को मिलने वाली छूट शामिल है। नए सर्क्युलर के मुताबिक, ट्रैवल करने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए क्वारंटाइन होने वाला नियम खत्म हो चुका है।

दूसरे देशों के यात्रियों को लानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट पर एक घंटे में कम से कम तीन यात्रियों की कोरोना जांच पूरी कर ली जाएगी।

ऊपर बताए गए देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स को आने पर या कही और जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे के अंदर का आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना ही होगा। जिसके बाद ही पैसेंजर एयरपोर्ट से बाहर जा सकेगा।

ऐसे पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की पूरी व्यवस्था मौजूद होगी। वहां प्रतिघंटे 600 लोगों का टेस्ट किया जा सकता है।

दुनिया के इन देशों में मिला C.1.2 वैरिएंट

कोविड-19 के लिए WHO की टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि C.1.2 वैरिएंट कम से कम 6 देशों में पाया गया है। WHO के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने पहली बार 21 जुलाई को WHO वायरस इवोल्यूशन वर्किंग ग्रुप को C.1.2 वेरिएंट पर अपने रिजल्ट पेश किए थे। ये नया वेरिएंट पहली बार मई में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। रिसर्चर ने मुताबिक C.1.2 वेरिएंट वुहान में जन्मे मूल वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है।