उत्तर प्रदेश में हर खेत को मिला भरपूर पानी तो लहलहाई फसल

उत्तर प्रदेश में हर खेत को मिला भरपूर पानी तो लहलहाई फसल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल किसान कल्याण का व्यापक प्रभाव दिख रहा है। दशकों से लम्बित 334 सिंचाई परियोजनाओं को पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान पूर्ण किया गया है। 46 वर्षों से लंबित बाण सागर परियोजना सहित आठ परियोजनाएं पूर्ण करके प्रदेश सरकार ने अभी तक 2.16 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता में वृद्धि की है।

अब तक 50 लाख किसान ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई योजना से लाभान्वित हुए हैं। 2.97 लाख से अधिक निःशुल्क बोरिंग से 1.61 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा के सिंचन क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई है। 2,409.64 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2019.20 में 247 बाढ़ परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया गया है। बाढ़ नियंत्रण की 149 परियोजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं तथा 98 का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 19,483 सोलर पंप स्थापित कर किसानों को सहूलियत दी गई है।

प्रत्येक सोलर पंप की स्थापना पर 40 से 70 फीसदी तक का अनुदान प्रदान किया गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में 13,645 खेत तालाबों का निर्माण किया गया है। बुंदेलखंड में 75 राजकीय नलकूपों का पुनर्निर्माण कराया गया है। बुंदेलखंड के किसानों को बिजली बिल के फिक्स चार्ज में 75% तक की छूट दी गई है।

दो दर्जन से अधिक सिंचाई परियोजनाएं 2021 में होंगी पूरी: हर खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार वर्ष 2021 में सिंचाई की 24 से अधिक परियोजनाओं को अंतिम रूप देने पर काम कर रही है। यह परियोजनाएं किसानों की किस्मत बदल देंगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उत्‍पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कृषि को तकनीक से जोड़ा गया है। प्रदेश की योगी सरकार किसानों की किस्‍मत चमकाने का काम कर रही है। तकनीक के जरिए कृषि को आसान कर उत्‍पादन क्षमता बढ़ाने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्‍त जल उपलब्‍ध कराने का काम कर रही है। नए साल पर 24 सिंचाई की परियोजनाएं आने वाले समय में किसानों को राहत देंगी।

किसानों की कर्ज माफी हो या फिर तकनीक के जरिए किसानों की आय व उत्‍पादन क्षमता बढ़ाने का काम। प्रदेश की योगी सरकार पिछले साढ़े तीन सालों से लगातार किसानों के हित व विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश के 2 करोड़ 30 लाख से अधिक किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्‍त पानी उपलब्‍ध कराने के साथ.साथ खेती को तकनीक से जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है। कृषि विश्‍वविद्यालय के सहयोग से किसानों को तकनीकी जानकारी देने के लिए तीन सालों में 20 कृषि विज्ञान केन्‍द्रों को स्‍थापित किया गया है। इनमें से कुछ केन्‍द्रों को सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस बनाया जा रहा है। जहां पर कृषि उत्‍पादन बढ़ाने की तकनीक पर शोध का कार्य होगा। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक तरीके से फसल उगाने की जानकारी दी जाएगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ कृषि से जुड़ी जानकारियों में बढ़ोत्‍तरी होगी। किसान तकनीकी जानकारी हासिल करके दूसरों के लिए प्ररेणा बन सकेंगे। तकनीक के जरिए किसानों के जीवन में परिवर्तन आएगा।

उत्‍तर प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्‍त जल उपलब्‍ध कराने के लिए कई महत्‍वपूर्ण योजनाओं का संचालन प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। खासकर साल 2021 में सरकार की 15 परियोजनाएं किसानों के विकास की नई इबारत लिखेंगी। इसमें सरयू नहर परियोजना-2, अर्जुन सहायक परियोजना, मध्‍य गंगा द्वितीय चरण परियोजना, उमरहट पम्‍प नहर परियोजना द्वितीय चरण, रतौली वीयर परियोजना, भावनी बांध परियोजना, लखेरी बांध परियोजना, जाखलौन पम्‍प नहर पर 3.42 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्‍लांट की स्‍थापना, बबीना ब्‍लाक के 15 ग्रामों को सिंचाई सुविधा परियोजना, बण्‍डई बांध के अवशेष कार्यों की परियोजना, मसगांव एवं चिल्‍ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना, शहजाद बांध स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना, कुलपहाड़ स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना, बडवार झील को गुरूसराय नहर से भरने हेतु फीडर कैनाल निर्माण परियोजना इस साल के अंत तक पूरी कर ली जाएंगी। इसके अलावा कनहर सिंचाई परियोजना, बंदायू सिंचाई परियोजना, रामपुर में कोसी नहर प्रणाली का विस्‍तार जैसी परियोजनाएं आने वाले समय में किसानों के लिए बढ़ी राहत बनकर सामने आएंगी।


योगी सरकार का बड़ा एलान, मिलेगी ये राहत

योगी सरकार का बड़ा एलान, मिलेगी ये राहत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी दी जाएगी। यूपी देश का यह पहला राज्य है जिसने गन्ना किसानों के हित मे इस तरह का फैसला लिया है। इसके पहले यूपी में भी गन्ना किसानों को कभी गन्ना मूल्य के बदले चीनी नहीं दी गयी।

यूपी के गन्ना किसानों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ लगातार कोरोना महामारी के दौरान भी गन्ना किसानों के आर्थिक हितों का पूरा ख्याल रख रहे हैं। यह निर्णय उसी श्रंखला की एक कडी है। इन्ही प्रयासों की कड़ी में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एंव चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना कृषकों द्वारा चीनी उपलब्ध कराये जाने की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि पेराई सत्र 2019-20 के तहत गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी की उपलब्धता कराई जाएगी।

बकाए गन्ना मूल्य के बदले मिलेगी चीनी
उन्होंने यह भी बताया की प्रत्येक गन्ना कृषक को 01 कुन्तल चीनी प्रति माह में उस दिन के चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जी.एस.टी. के आधार पर माह जून, 2020 तक उपलब्ध करायी जायेगी। यदि चीनी मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जी.एस.टी. के आधार पर कृषकों को चीनी उपलब्ध करायी जायेगी।

योगी सरकार ने चीनी मिल मालिकों को दिए ये आदेश
गन्ना आयुक्त द्वारा चीनी मिलों के अध्यासियों को यह भी निर्देशित किया गया कि कृषकों को उपलब्ध करायी जाने वाली चीनी की मात्रा भारत सरकार द्वारा सम्बन्धित चीनी मिल के निर्धारित मासिक कोटे के तहत ही होगी। वहीं जी.एस.टी. को नियमानुसार राजकोष में जमा करने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित चीनी मिल का होगा।

अगर जीएसटी जमा करने या न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर कृषकों को चीनी दिए जाने का प्रकरण संज्ञान में आता है तो सम्बन्धित मिल इसके लिए जिम्मेदार होगी। गन्ना आयुक्त द्वारा समस्त जिला गन्ना अधिकारियों एवं उप गन्ना आयुक्तों को इसका नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।