सीएम योगी करेंगे उद्घाटन, 23 जनवरी को होगा कार्यक्रम

सीएम योगी करेंगे उद्घाटन, 23 जनवरी को होगा कार्यक्रम

लखनऊ: देश के 31 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों के 24वे “हुनर हाट” का उद्घाटन 23 जनवरी को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा देश के दस्तकारों- शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों को मौका- मार्किट मुहैया कराने के अपने शानदार सफर को आगे बढ़ाते हुए 24वे “हुनर हाट” का आयोजन “वोकल फॉर लोकल” थीम के साथ अवध शिल्पग्राम, लखनऊ (यूपी) में 22 जनवरी से 4 फरवरी तक किया जा रहा है। “हुनर हाट” का औपचारिक उद्घाटन 23 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ द्वारा किया जायेगा।

मौजूद होंगे ये लोग
“हुनर हाट” का उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं दिनेश शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन वी के सक्सेना, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना; खादी एवं ग्रामोद्योग, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता “नंदी”, विधाई- न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, महिला कल्याण-बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह, जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ, हज राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा की गरिमामयी उपस्थिति में किया जायेगा।

लखनऊ के “हुनर हाट” में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, ओड़िशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल सहित 31 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 हुनर के उस्ताद शामिल हो रहे हैं।

लखनऊ के “हुनर हाट” में देश के दस्तकार शिल्पकार, अजरख, ऍप्लिक, आर्ट मेटल वेयर, बाघ प्रिंट, बाटिक, बनारसी साड़ी, बंधेज, बस्तर की जड़ी- बूटियां, ब्लैक पॉटरी, ब्लॉक प्रिंट, बेंत- बांस के उत्पाद, चिकनकारी, कॉपर बेल, ड्राई फ्लावर्स, खादी के उत्पाद, कोटा सिल्क, लाख की चूड़ियाँ, लेदर, पश्मीना शाल, रामपुरी वायलिन, लकड़ी- आयरन के खिलौने, कांथा एम्ब्रोइडरी, ब्रास- पीतल के प्रोडक्ट, क्रिस्टल ग्लास आइटम, चन्दन की कलाकृतियां आदि के स्वदेशी हस्तनिर्मित शानदार उत्पाद प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए ले कर आये हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे
लखनऊ के “हुनर हाट” में आने वाले लोग देश के पारंम्परिक लजीज़ पकवानों का लुत्फ़ भी उठाएंगे, वहीँ देश के जाने- माने कलाकारों द्वारा हर दिन प्रस्तुत किये जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे। “हुनर हाट” में प्रतिदिन सांयकाल जाने- माने कलाकारों द्वारा “आत्मनिर्भर भारत” थीम पर गीत-संगीत के कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में प्रसिद्द कलाकार जैसे कैलाश खेर विनोद राठौर; सुश्री शिबानी कश्यप; भूपेंद्र भुप्पी; मिर्ज़ा सिस्टर्स; प्रेम भाटिया; सुश्री रेखा राज; हमसर हयात ग्रुप; मुकेश पांचोली आदि अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

देश-विदेश के लोगों के लिए उपलब्ध है
लखनऊ का “हुनर हाट” ई प्लेटफार्म http://hunarhaat.org पर भी देश-विदेश के लोगों के लिए उपलब्ध है जहाँ लोग सीधे दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों के स्वदेशी सामानों को देख एवं खरीद रहे हैं। देश के विभिन्न स्थानों में आयोजित हो रहे “हुनर हाट”, दस्तकारों, शिल्पकारों के लिए बहुत उत्साहवर्धक और लाभदायक साबित हो रहे हैं। एक ओर जहाँ “हुनर हाट” में लाखों लोग आते हैं वहीँ दूसरी ओर लोग करोड़ों रूपए की दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीददारी भी करते हैं।

पिछले लगभग 5 वर्षों में “हुनर हाट” के माध्यम से 5 लाख से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। “हुनर हाट” से देश के कोने- कोने की शानदार- जानदार पारम्परिक दस्तकारी, शिल्पकारी की विरासत को और मजबूती और पहचान मिली है। आने वाले दिनों में “हुनर हाट” का आयोजन मैसूर, जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर, मुंबई, है दराबाद, नई दिल्ली, रांची, कोटा, सूरत अहमदाबाद, कोच्चि, पुडुचेरी आदि स्थानों पर होगा।


योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू करेगी ये योजना, किसानों को होगा बड़ा फायदा

योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू करेगी ये योजना, किसानों को होगा बड़ा फायदा

लखनऊ:अटल भूजल योजना अब यूपी के सभी 75 जिलों में लागू होगी. अब तक यह उत्तर प्रदेश के केवल 10 जिलों में ही लागू है. इससे जहां किसानों को खेती में लाभ होगा वहीं सूबे में लगातार गिरते जलस्तर को सुधारने की दिशा में यह बहुत अहम साबित होगी. इस योजना का मकसद उन इलाकों में भूजल स्तर को उपर उठाना है जहां यह बहुत ज्यादा नीचे जा चुका है. इसके जरिये भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी होने से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होगा और वह कम खर्च में अधिक पैदावार ले सकेंगे.


ताकि प्रदेश को न हो जल संकट का सामना

अभी तक अटल भूजल योजना यूपी के 10 जिलों तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार प्रदेश में भूजल के गिरते स्तर को देखते हुए इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने पर कार्य कर रही थी. अब इसे उत्तर प्रदेश के बाकी 65 जिलों में भी लागू करने का निर्णय किया गया है. योजना के अनुसार सरकार जहां जल संरक्षण पर जोर देगी और इसके नए तरीका करेगी वहीं खेत की सिंचाई में लगने वाले पानी के लिये भी वैकल्पिक स्रोत तलाशे जाएंगे, ताकि आने वाले समय में प्रदेश को जल संकट जैसी भयावाह स्थिति का सामना न करना पड़े.


पानी बचाने और सहेजने की कवायद

योजना के अनुसार इसकी आरंभ बेसलाइन सर्वे के साथ होगी, जिसमें जिलों के भूजल स्तर का विस्तृत शोध होगा. हर ब्लाॅक में ऐसे पाॅजीमीटर बनाए जाएंगे जो डिजिटल वाटर लेवल रिकाॅर्डर से लैस होंगे. इनसे टेलीमेट्री के जरिये रियल टाइम ग्राउंड वाटर लेवल का पता लगाया जा सकेगा. इसके जरिये पिछले पांच वर्षों के ग्राउंड वाटर लेवल का आंकलन किया जाएगा. भूजल शोध के लिये एक बड़ा माॅनिटरिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा. जल संचयन और प्रबंधन पर विशेष फोकस होगा.


भूजल स्तर पर निर्भरता बढ़ी

उत्तर प्रदेश में जल संपदा से परिपूर्ण प्रदेश रहा है. हालांकि तेजी से बढ़ती आबादी और खेती की जरूरतों के चलते लगातार हुए भूजल दोहन के चलते प्रदेश में भूमिगत जल स्तर में गंभीर गिरावट देखी गई. वैकल्पिक जल स्रोतों के धीरे-धीरे खत्म होने के चलते यह संकट और बढ़ता गया है. सरकारी रिपोर्ट की मानें तो सूबे में भूजल पर निर्भरता बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है. नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 70 प्रतिशत सिंचाई, 80 प्रतिशत पेयजल और औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के लिये 85 फीसदी निर्भरता भूजल पर ही है.


चिंतित करने वाले भूजल स्तर के आंकड़े

भूजल संसाधन आंकलन 2017 के आंकड़े भूजल स्तर की चिंता को और बढ़ाने वाले थे. इसमें जहां सन 2000 तक प्रदेश में भूजल सुरक्षित विकास खंडों की संख्या 745 थी वहीं 2017 में यह तेजी से घटकर 540 क जा पहुंची. उत्तर प्रदेश के 82 विकास खंड अतिदोहित, जबकि 47 क्रिटिकल और 151 विकास खंड सेमीक्रिटिकल की श्रेणि में दर्ज किय गए. 2017 के भूजल संसाधन आंकलन में पहली बार राजधानी लखनऊ समेत अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर अतिदोहित दर्ज किए गए हैं, जबकि आगरा को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है.


कोरोना काल में किसानों की खुशहाली और उन्नति के लिए योगी सरकार ने किया काम       इग्नू ने जनवरी सेशन के लिए री-रजिस्ट्रेशन की तारीख फिर आगे बढ़ाई       रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू, 11 अप्रैल को होगी परीक्षा       जुलाई सेशन के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट का रजिस्ट्रेशन शुरू       राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए हॉल टिकट जारी, करें डाउनलोड       सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं अकाउंट्स के पेपर से जुड़ा जारी किया ये जरूरी नोटिफिकेशन       AIMA MAT 2021: पेपर बेस्ड टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ी       NIOS: तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षाओं में पढ़ाई जाएगी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा       टेक्निशियन लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन जल्द घोषित करेगा एग्जाम डेट       इग्नू ने जनवरी सेशन के लिए री-रजिस्ट्रेशन की तारीख फिर आगे बढ़ाई, करें चेक       ट्रेड्समैन कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, इस डायरेक्ट लिंक से करें डाउनलोड       ACF और RFO के पदों के लिए इंटरव्यू कॉल लेटर व शेड्यूल uppsc.up.nic.in पर जारी, करें चेक       सीबीएसई बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू       6वीं, 9वीं और 11वीं कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, विद्यालयीय प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन 31 मार्च तक       13 मार्च से आयोजित होने वाली असिस्टेंट इंजीनियर परीक्षा स्थगित       जेईई मेन मार्च सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, आवेदन करते वक्त ध्यान में रखें ये नियम       गेट परीक्षा ‘आंसर की’ करेक्शन के लिए विंडो ओपेन, 4 मार्च तक ऑनलाइन करायें आपत्ति दर्ज       कंपनी सचिव जून परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल के लिए रजिस्ट्रेशन       आवेदन का आज आखिरी दिन, दिसंबर 2020 की यूजीसी नेट परीक्षा मई में       एनटीए ने फेज 1 परीक्षा के लिए ‘आंसर की’ जारी किये, ऐसे करें डाउनलोड