योगी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तर प्रदेश में हर किसान का बनेगा क्रेडिट कार्ड

योगी सरकार का बड़ा फैसला, उत्तर प्रदेश में हर किसान का बनेगा क्रेडिट कार्ड

लखनऊ यूपी सरकार ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. सीएम योगी ने पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) के अनुसार प्रदेश के सभी रजिस्टर्ड किसानों को क्रेडिट कार्ड मौजूद कराने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बोला है कि 15 अप्रैल तक प्रदेश में पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड मौजूद कराया जाएगा. इस विषय में अपर मुख्य सचिव कृषि ने प्रदेश के सभी डीएम, डिप्टी डायरेक्टर कृषि और सीडीओ को पत्र जारी किए हैं. इसमें पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों का कृषि विभाग के कर्मचारी सौ फीसदी सत्यापन कराते हुए सभी इच्छुक लाभार्थियों का किसान क्रेडिट कार्ड भरवाने के आदेश दिए हैं.

27 विभागों को एक साथ जोड़ा गया

पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के लिए कृषि विभाग की ओर से जिलों में अभियान चलाकर किसानों के प्रार्थना पत्र वित्तीय संस्थाओं को दिए हैं, लेकिन कोविड-19 संकट के चलते सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड नहीं दिया जा सका. दशा सामान्य होने के बाद अब गांव-गांव में अभियान चलाकर किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाया जा रहा है. प्रदेश में पहली बार किसानों के लिए 27 विभागों को एक साथ जोड़ा गया है.

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन

पीएम किसान योजना के अनुसार रजिस्टर्ड किसानों की बायोमैट्रिक प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है. उनकी खेती की जमीन का ब्यौरा, बैंक डिटेल्स, आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी पहले से ही कृषि मंत्रालय में रजिस्टर्ड हैं. ऐसे में इन किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा उठाने के लिए केवल एक सामान्य फॉर्म भरना होगा.

जरूरी बातें

- किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने वाले किसान की न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 75 साल होनी चाहिए.

- 60 साल से अधिक आयु वाले आवेदक को आवेदन के लिए को-एप्लिकेंट की जरूरत होगी.

- किसान क्रेडिट कार्ड के अनुसार किसानों के अलावा पशुपालन, मछलीपालन करने वाले लोग भी कृषि ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं.


योगी सरकार का बड़ा एलान, मिलेगी ये राहत

योगी सरकार का बड़ा एलान, मिलेगी ये राहत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी दी जाएगी। यूपी देश का यह पहला राज्य है जिसने गन्ना किसानों के हित मे इस तरह का फैसला लिया है। इसके पहले यूपी में भी गन्ना किसानों को कभी गन्ना मूल्य के बदले चीनी नहीं दी गयी।

यूपी के गन्ना किसानों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ लगातार कोरोना महामारी के दौरान भी गन्ना किसानों के आर्थिक हितों का पूरा ख्याल रख रहे हैं। यह निर्णय उसी श्रंखला की एक कडी है। इन्ही प्रयासों की कड़ी में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एंव चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना कृषकों द्वारा चीनी उपलब्ध कराये जाने की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि पेराई सत्र 2019-20 के तहत गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी की उपलब्धता कराई जाएगी।

बकाए गन्ना मूल्य के बदले मिलेगी चीनी
उन्होंने यह भी बताया की प्रत्येक गन्ना कृषक को 01 कुन्तल चीनी प्रति माह में उस दिन के चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जी.एस.टी. के आधार पर माह जून, 2020 तक उपलब्ध करायी जायेगी। यदि चीनी मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जी.एस.टी. के आधार पर कृषकों को चीनी उपलब्ध करायी जायेगी।

योगी सरकार ने चीनी मिल मालिकों को दिए ये आदेश
गन्ना आयुक्त द्वारा चीनी मिलों के अध्यासियों को यह भी निर्देशित किया गया कि कृषकों को उपलब्ध करायी जाने वाली चीनी की मात्रा भारत सरकार द्वारा सम्बन्धित चीनी मिल के निर्धारित मासिक कोटे के तहत ही होगी। वहीं जी.एस.टी. को नियमानुसार राजकोष में जमा करने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित चीनी मिल का होगा।

अगर जीएसटी जमा करने या न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर कृषकों को चीनी दिए जाने का प्रकरण संज्ञान में आता है तो सम्बन्धित मिल इसके लिए जिम्मेदार होगी। गन्ना आयुक्त द्वारा समस्त जिला गन्ना अधिकारियों एवं उप गन्ना आयुक्तों को इसका नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।