एक शख्स ने 74 लाख के पत्थर को बना दिया डोर स्टापर!

एक शख्स ने 74 लाख के पत्थर को बना दिया डोर स्टापर!

एक शख्स को करीब 30 साल पहले 10 किलो का एक पत्थर का टुकड़ा अपने खेत में मिला था। उसे ये काफी अनोखा लगा तो वो उसे अपने घर ले आया। 1988 में उसने अपनी संपत्ति बेची तो अमेरिका के मिशिगन में रहने वाले शख्स ने इस पत्थर को भी खरीद लिया और  दरवाजा बंद करने और  खोलने के दौरान उसे डोर स्टाॅपर की तरह इस्तेमाल करने लगा। हाल ही में उसने सोचा कि इस पत्थर की जांच करवार्इ जाये। 

छठा सबसे बड़ा और  मंहगा उल्कापिंड

न्यूयाॅर्क पोस्ट के अनुसार वह उसे मिशिगन यूनिवर्सिटी ले गया। यहां जियोलॉजी की प्रोफेसर मोनालिसा सर्बेस्कु इसका इसका आकार देखकर चौंक गईं। उन्होंने पत्थर का एक्सरे फ्लोरोसेंस से परीक्षण कराने का फैसला किया। परीक्षण में इसके उल्कापिंड होने की पुष्टि हुई। साथ ही पता चला कि इसमें 88% लोहा, 12% निकल और कुछ मात्रा में कीमती धातुएं जैसे इरीडियम, गैलियम और सोना भी मौजूद हैं। पत्थर का एक अंश वॉशिंगटन के स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूट भेजा, जहां पता चला कि इसकी कीमत 1 लाख डॉलर यानि करीब 74 लाख है।

उल्कापिंड का हुआ नामकरण

पत्थर जिस स्थान पर गिरा था वहीं के नाम पर इसे एडमोर उल्कापिंड नाम दिया गया है। उल्कापिंड का नमूना कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्लेनेटरी-साइंस डिपार्टमेंट भेजा गया है ताकि उसका रासायनिक संघटन जांचा जा सके। पता चला है कि धरती का सबसे बड़ा उल्कापिंड नामीबिया के होबा में मिला था, जिसका वजन 6600 किलो था। वैज्ञानिकों ये बताया कि वो करीब 80 हजार साल पहले धरती से टकराया था। इसका भी ज्यादातर हिस्सा लोहे और निकल का था।