29 साल बाद पाक से लौटा कुलदीप: 1996 में आई चिट्ठी ने जगाए रखी आस

29 साल बाद पाक से लौटा कुलदीप: 1996 में आई चिट्ठी ने जगाए रखी आस
घर से 29 साल पूर्व लापता हुआ कुलदीप करीब तीन दशक के इंतजार के बाद पाकिस्तान से अपने वतन लौट आया है। हालांकि परिवार के सदस्यों से कुलदीप की अभी मुलाकात नहीं हुई है। वे बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब वे उसे छूकर गले लगा सकें। इस लंबे अरसे में कुलदीप की मां ने बेटे का चेहरा देखने की आस नहीं टूटने दी। कुलदीप को वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश मिलने पर अब इस मां की आंखों से खुशी के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं। वह बेसब्री से बेटे को गले लगाने को बेताब है। 1996 में कुलदीप को पहला संदेश मिला तो परिवार की टूट रही आस फिर बंधी
10 दिसंबर 1992 को लापता रामकोट का मकवाल निवासी कुलदीप सिंह अचानक लापता हो गया था। कई दिनों तक जब कुलदीप नहीं लौटा तो परिवार ने भी जगह-जगह पूछताछ शुरू कर दी। जहां भी कोई उसके देखे जाने की खबर देता परिवार के सदस्य वहां पहुंच जाते लेकिन कुलदीप का कोई अता पता नहीं था। आखिरकार 1996 में कुलदीप को पहला संदेश मिला तो परिवार की टूट रही आस फिर बंध गई। मकवाल निवासी कुलदीप सिंह पाकिस्तान की कोट लखपत सेंट्रल जेल लाहौर की बैरक नंबर चार में कैद था। यही वो पता था जहां से इसके बाद परिवार को कुलदीप सिंह का कुशलक्षेम मिलता रहा। 
कुलदीप की मां के आंखों में बह रहे खुशी के आंसू 
कुलदीप से मिलने की आस में मां की आंखें भी बीते 29 साल में पत्थर हो चुकी हैं। इन आंखों से अब खुशी के आंसू बह रहे हैं। कुलदीप सिंह की मां कृष्णा देवी का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि उनकी सांसों की डोर छूटने से पहले वो अपने बेटे से जरूर मिल पाएंगी।

मां ने बताया कि उनका बेटा बहुत दिलेर है। वो पाकिस्तान कैसे पहुंच गया, यह तो उन्हें नहीं पता लेकिन उन्हें यह जरूर उम्मीद थी कि एक दिन उनका बेटा सकुशल लौट आएगा। तीन दशक बाद ही सही भगवान ने उनकी प्रार्थना को सुन लिया है। 

परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि वाघा बॉर्डर से भारत पहुंचे कुलदीप को अमृतसर में जांच के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया है। प्रोटोकॉल के अनुसार ही उसे जेआईसी जम्मू ले जाया जाएगा जिसके बाद उसे कठुआ पुलिस और फिर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। 

वतन वापसी पर जावेद से फिर कुलदीप हुआ नाम

पाकिस्तान से अपने परिवार के नाम लिखी चिट्ठी में कुलदीप सिंह ने अपने नाम के साथ एक नाम और इस्तेमाल किया था। पाकिस्तान में कैद के दौरान कुलदीप सिंह का नाम जावेद भाई बन गया था। 29 वर्ष तक कुलदीप की यही पहचान पाकिस्तान में रही, लेकिन अब वतन वापसी के साथ ही जावेद भाई की जगह कठुआ के बेटे को उसका असली नाम वापस मिल गया है। 

तीन दिन से घर आने का इंतजार, बुधवार शाम तक भी जम्मू-कश्मीर से लेने नहीं पहुंची टीम, परिवार निराश

सोमवार को पाकिस्तान से वाघा बार्डर के रास्ते कुलदीप सिंह भारत में तो दाखिल हो गए लेकिन घर तक पहुंचने का उनका सफर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। रेड क्रॉस अमृतसर में कुलदीप सिंह का बेटा बुधवार को भी उन्हें घर वापस लाने के लिए दिन भर इंतजार करता रहा।
 
उन्हें बस इतनी ही जानकारी दी गई कि जम्मू-कश्मीर से टीम लेने आएगी जिसके साथ ही उन्हें भेजा जाएगा। कुलदीप सिंह के बेटे मनमोहन सिंह ने बताया कि देर शाम तक वे जम्मू-कश्मीर पुलिस टीम के पहुंचने का इंतजार करते रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल रही है। यह इंतजार आखिर कब खत्म होगा।

75 वर्षीय पति ने 65 वर्ष की पत्नी की कर दी हत्या

75 वर्षीय पति ने 65 वर्ष की पत्नी की कर दी हत्या

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में 75 वर्षीय पति ने 65 वर्ष की पत्नी को मृत्यु की मर्डर कर दी. आरोपी पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था. सुबह के वक़्त जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली, तो मौके पर पहुंची पुलिस ने मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और चारपाई के नीचे छिपे आरोपी पति को अरेस्ट कर लिया. दरअसल, असोथर थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय पति अपनी 65 वर्ष की पत्नी की मर्डर करने के बाद चारपाई के नीचे छिप गया. सुबह पहर जब ग्रामीणों घर के पास से गुजरे तो देखा की स्त्री की मृत शरीर चारपाई पर पड़ी हुई है. जिसके बाद गाँव वालों ने इस घटना की सूचना पुलिस को द
बुधवार की रात लगभग आठ बजे शिवबरन खाना खाकर घर के बाहर बरामदे में सो रहा था. वहीं साइड में चारपाई पर उसकी पत्नी भी सो रही थी. उसने पत्नी पर सोते वक़्त सिर और गले पर कुल्हाड़ी से कई वार किए, जिससे पत्नी की मौके पर ही मृत्यु हो गई. गुरुवार की सुबह जब पड़ोसी वहां से निकले, तो शिवबरन चारपाई के नीचे छिप कर बैठा देखा. पड़ोसी जब चारपाई के निकट पहुंचे तो बुजुर्ग स्त्री का मृत शरीर पड़ा देख सन्न रह गए. स्त्री के गले मे धारदार हथियार से वार किये जाने के चिन्ह पाए गए थे. ग्रामीणों ने घर के भीतर सो रहे बेटे को घटना की जानकारी देते हुए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचा दिया.

पूछताछ के दौरान आरोपी पति ने बताया कि स्त्री किसी के घर भी जाती थी, तो वह (पति) उसके साथ जाता था और इसी बात को लेकर प्रत्येक दिन दोनों के बीच टकराव और हाथापाई भी हुआ करता था, जिससे आजिज आकर उसने अपने पत्नी को धारदार हथियार से वार कर उसकी मर्डर कर दी. दोनों के 7 बच्चे हैं, जिसमें से पांच का शादी हो चुका है. पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि असोथर थाना क्षेत्र के सरवल गांव में पति ने पत्नी को धारदार हथियार से वार कर मार डाला, जांच के दौरान यह पता चला की वह अपनी पत्नी पर शक करता था, जिसको लेकर उसने अपनी पत्नी की मर्डर कर डाली. पुलिस ने हत्यारे पति को अरेस्ट कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.