आखिर देह व्यापार जॉन को क्यों कहा जाता है ‘रेड लाइट एरिया’, वजह जानकर होंगे हैरान

आखिर देह व्यापार जॉन को क्यों कहा जाता है ‘रेड लाइट एरिया’, वजह जानकर होंगे हैरान

कई बार मर्द अपनी पर्सनल लाइफ और कई बार अपनी हवस के कारण देह व्यापार के एरिया में भटकने लगता है। ऐसे ही महिलाएं भी कई अपने पर्सनल कारणों की वजह से इस क्षेत्र में आ जाती है। हमारी धरती पर देह व्यापार सबसे पुराने व्यापारों में से एक है। प्राचीन सभ्यताओं में भी दे व्यापार का काफी जिक्र होता है जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि प्राचीन सभ्यताओं में भी दे व्यापार किया जाता था। अक्सर मीडिया में इन इलाकों को रेड लाइट एरिया कहा जाता है।

रेड लाइट एरिया क्यों रहते हैं:

इस बारे में कई मान्यताएँ प्रचलित हैं। हज़ारों वर्षों से जिस्म बाज़ार का लाल रंग से रिश्ता रहा है। लाल रंग को कामुक और संवेदनशील माना जाता रहा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम और फ्रांस के कई वेश्यालयों का वर्गीकरण किया गया था। अधिकारियों के लिए वेश्यालय के सामने नीले रंग का कोई चिन्ह लगाया जाता था।


वहीं दूसरे दर्ज़े के लोगों के लिए लाल रंगों के चिन्ह प्रयोग में लाए जाते थे। लाल रंग और वेश्याओं के बीच संबंधों के एक धार्मिक किताब से भी कुछ उदाहरण मिले हैं। इसके अनुसार रहाब नाम की वेश्या अपने घर की पहचान के लिए लाल रंग की रस्सी का प्रयोग करती थी।


बत्तख ने रविवार के दिन की ऐसी एक्सरसाइज, देख हैरान हो जाएंगे

बत्तख ने रविवार के दिन की ऐसी एक्सरसाइज, देख हैरान हो जाएंगे

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप हैरान हो जाएंगे। यह वीडियो कामगारों ( काम करने वाले लोगों ) पर पूरी तरह से लागू होता है जो रविवार के दिन सोचते रहते हैं कि आज का दिन ठहर जाए और न बीते। कभी-कभी तो लोगों की यह भी शिकायत होती है कि आज का दिन ( रविवार का दिन ) बड़ी जल्दी बीत गया है। उन्हें तो बहुत कुछ करना था, लेकिन नहीं कर पाए। अब एक सप्ताह के बाद ही छुट्टी मिलेगी। कुछ ऐसा ही नजारा इस वीडियो में देखने को मिल रहा है। जब बत्तख रविवार को और एन्जॉय करना चाहती है। यह वीडियो देखने में बेहद हास्यस्पद भी है।


इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बत्तख स्वचलित मशीन ( एक्सरसाइज करने वाली रनिंग मशीन ) के सामने खड़ी है। इसके बाद वह उस पर चढ़ती है और जैसे ही वह आगे बढ़ने लगती है, तो वह पीछे आने की कोशिश करती है। इसके लिए वह अपने पैरों को पीछे करती रहती है। यह क्रम चलता रहता है। वीडियो देख ऐसा लगता है, मानो वह आगे नहीं जाना चाहती है।

इस वीडियो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुशांत नंदा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है-लोगों का मूड रविवार के दिन कुछ ऐसा ही रहता है। सुशांत नंदा के इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 10 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं और 1 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। जबकि कुछ लोगों ने कमेंट्स भी किए हैं, जिसमें उन्होंने बत्तख से सहमति जताई है। कुछ लोगों ने बत्तख को मूनवॉकर की संज्ञा दी है।