शरीर से दूषित रक्त दूर करती है लीच थैरेपी

शरीर से दूषित रक्त दूर करती है लीच थैरेपी

यूनानी चिकित्सा पद्धति में लीच थैरेप लाभकारी होती है. इसमें मेडिसिनल लीच (एक प्रकार की जोंक) से रोग दूर किए जाते हैं. इस जोंक की लार में 100 से अधिक जैविक तत्व होते हैं जो एंटीबायोटिक, दर्दनाशक और रक्त धमनियों को खोलने वाले होते हैं.

इन रोंगों में है उपयोगी
यह थैरेपी जोड़ों का दर्द, त्वचा, कान, नाक और गले संबंधी रोग, डायबिटीज से पैरों में हुए जख्म, पाचन क्रिया और रक्तसंचार में गड़बड़ी, कफ और गंजेपन के लिए अत्यन्त उपयोगी है.

ऐसे होती है थैरेपी
शरीर के जिस हिस्से में यह थैरेपी करनी होती है वहां जोंक को छोड़ दिया जाता है. दूषित रक्त चूसने के बाद जोंक स्कीन से स्वयं ही अलग हो जाती है. इसमें मरीज को दर्द नहीं होता बल्कि जोंक के रैंगने का अहसास होता है.

एक से डेढ़ महीने तक चलता है उपचार
इस थैरेपी में उपचार एक से डेढ़ महीने तक चलता है जिसमें सप्ताह में 1-3 बार डॉक्टर को दिखाना पड़ता है. लंबी रोग में 3-4 माह तक उपचार चलता है. इस पद्धति में इलाज के बाद अक्सर बीमार को शरीर में खुजली महसूस होने लगती है जो 3-4 दिन में स्वयं ही ठीक हो जाती है.


इतने साल की बच्ची के साथ हुआ दुष्कर्म , गार्ड हुआ गिरफ्तार

इतने  साल की बच्ची के साथ हुआ  दुष्कर्म , गार्ड  हुआ गिरफ्तार

विस्तार केंद्रशासित प्रदेश दादर और नगर हवेली, दमन और दीव के दमन जिले में एक सरकारी अस्पताल में 11 साल की लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। दमन थाने के एक अधिकारी ने बताया कि बच्ची अपनी मां के साथ थी, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा था। यह घटना 11 जनवरी को मारवाड़ सरकारी अस्पताल में हुई थी। आरोपी ने कथित तौर पर लड़की को पानी देने के बहाने सुनसान कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

अधिकारी ने कहा कि अपराध के बारे में जानने के बाद एक पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। सुरक्षा गार्ड फरार था, इसलिए हमने कई दलों का गठन किया और उसे बस अड्डे से तब पकड़ लिया जब वह कल रात जिले से भागने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान प्रशांत कुमार के रूप में हुई है जो बिहार का रहनेवाला है।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376 (ए) (बी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आगे की जांच जारी है।