कबूतर को किक मारने में औंधे मुंह गिरा लड़का, देख हंसी नहीं रोक पाएंगे

कबूतर को किक मारने में औंधे मुंह गिरा लड़का, देख हंसी नहीं रोक पाएंगे

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। इस वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एक सड़क पर कुछ लड़के जा रहे हैं। सुबह का समय होने के चलते सड़क खाली है और गाड़ियां अधिक चल नहीं रही हैं। यह देख कबूतर दाना चुगने सड़क पर है। जब कबूतर सड़क किनारे दाने चुग रहा होता है। तभी लड़कों की नजर कबूतर पर पड़ती है।


उनमें एक लड़के के मन में शरारत सूझती है और फिर वह कबूतर को किक करने की सोचता है। लड़का मन ही मन सोचता है कि कबूतर को ऐसा फुटबॉल बनाऊंगा कि यह सीधे गोल पोस्ट में जाकर गिरेगा। यह ख्याल कर वह किक मारने के लिए तैयार हो जाता है। इसके बाद वह जैसे ही अपने पैर को किक करने के लिए हवा में लहराता है। तभी कबूतर को अहसास हो जाता है कि कोई खतरा है। यह जान कबूतर मुस्तैद हो जाता है।

इसके बाद जैसे ही वह लड़का किक मारता है, कबूतर फुर्र से उड़ जाता है। इस क्रम में लड़के का शरीरिक संतुलन बिगड़ जाता है और फिर वह सड़क किनारे धड़ाम से गिरता है। यह देख उसके दोस्त हंसने लगते हैं। वीडियो देख ऐसा लगता है कि शायद गिरने की वजह से लड़के को गंभीर चोट लगी है।

इस वीडियो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुशांत नंदा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है-  कई बार कर्म का फल बड़ी जल्दी मिल जाता है। पशु और पक्षियों का सम्मान करें, उनमें भी जान होती है। सुशांत नंदा के इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 10 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं और 1 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। जबकि कुछ लोगों ने कमेंट्स भी किए हैं, जिसमें उन्होंने लड़के की आलोचना की है।


बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

क्रेटा कार और 20 लाख रुपए लेकर एटीएम हैकर गिरोह को छोड़ देने के मामले में बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर, हेड कांस्‍टेबल सहित सभी नौ आरोपी पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच होगी। पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने इसका आदेश देते हुए कहा कि यदि इन पर आय से अधिक संपति की पुष्टि होती है तो इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा में यूपी पुलिस के इंस्‍पेक्‍टर, हेडकांस्‍टेबल और सिपाहियों का बड़ा भ्रष्‍टाचार सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। डीसीपी क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद एसओजी के प्रभारी और एक हैडकांस्टेबल को दोषी मानते हुए पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पकड़े गए एटीएम हैकर गिरोह से पता चला था कि उन्हें कुछ समय पहले नोएडा में एसओजी की टीम ने पकड़ा था और एक कार और बीस लाख रूपये लेकर छोड़ दिया था।

इस मामले में उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। अभिषेक से 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद एसओजी के तत्कालीन प्रभारी शावेज खान और हेड कांस्टेबल अमरीशकांत यादव को तत्काल पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिसमें एक दारोगा, तीन हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल लाइन हाजिर किए गये हैं। पुलिस कमिश्नर के द्धारा तत्काल की गई इस कार्रवाई से जिले के पुलिस कर्मियों में हड़कम्प मचा है।   

इस मामले में एडिशनल कमिश्‍नर लॉ एंड आर्डर लव कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आगे की जांच में यदि किसी और पुलिसकर्मी की कोई संलिप्तता निकलती है या कुछ और मामला पकड़ में आता है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपने ऐसे कृत्यों से पूरे विभाग को शर्मसार करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। 

साफ छवि और कर्मठी पुलिसवालों की तलाश

नोएडा में नई एसओजी टीम के गठन के लिए अधिकारियों को साफ छवि वाले कर्मठ पुलिसकर्मियों की तलाश है। इनका कमिश्नरी से चयन कर एसओजी की नई टीम बनाने के निर्देश दिए गये हैं।  

पुलिस वालों की कॉड डिटेल खंगाली जाएगी

आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब पुलिस की टीम एक इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल समेत पांच लोगों की सीडीआर और घटना वाले दिन की मोबाइल की लोकेशन भी निकलवा रही है. जिससे आरोपों को लेकर अधिक साक्ष्य जुटाये जा सकें। घटना वाले दिन की विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जाएगी। पुलिस के द्धारा एटीएम हैकर के मोबाइल की भी पूरी डिटेल हासिल की जा रही है, जिससे यह भी पता लग सकेगा कि वह किन-किन पुलिस कर्मियों के संपर्क में रहा है।