कभी नहीं बूढी होती हैं ताइवान की लड़कियां, जवान रहने के लिए करती हैं ऐसे अनोखे काम…

कभी नहीं बूढी होती हैं ताइवान की लड़कियां, जवान रहने के लिए करती हैं ऐसे अनोखे काम…

हर कोई खुद को जवां देखना चाहते हैं और उसके लिए वो कुछ भी कर सकते हैं। आज की भागती दौड़ती ज़िंदगी में किसी को अपनी उम्र का ख्याल रखते हैं चाहे फिर वो लड़का हो या लड़की। झुर्रियों से बचने के लिए हम कई तरह के उपाय करते हैं ताकि हम खूबसूरत बने रहें। लेकिन एक देश के लोग ऐसे भी हैं जिन्हें खुद को खूबसूरत रखने के लिए कुछ और ही करना पड़ता है।

यहां की लड़कियां कभी नहीं होती बूढी:

इन लोगों के लिए समय जैसे रुक ही गया है, क्योंकि यहां कोई भी हमेशा ही जवान ही नज़र आता है। इसके लिए वो कोई मेकअप नहीं करते ना ही किसी तरह की कोई सर्जरी करवाते हैं। ताइवान की जो चीनी गणराज्य का एक द्वीप है। यहां की आबादी 2 करोड़ 36 लाख और करीब 70 फीसदी लोग बौद्ध धर्म को मानते हैं और बात करें महिलाओं की तो उनके शौक ही कुछ अलग होते हैं।

जवान रहने के लिए करती है ये काम:

ताइवान की महिलाओं को बारिश से काफी एलर्जी है जिसके कारण वो हमेशा बारिश के पानी से दूर ही रहती हैं। वहीं धुप में निकलने से उनकी उम्र भी घटती है। अगर बाहर धुप है तो वो लोग किसी कीमत पर घर से बाहर नहीं निकलेंगे चाहे कितना भी जरुरी काम क्यों न हो। साथ ही यहां के लोग काफी मेहनती होती हैं।


यहां अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल, मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

यहां अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल, मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

इन दिनों कोरोना महामारी में लोगों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्मशान घाटों में शवों को जलाने के लिए लगी कतारों के बीच सरहदी बाड़मेर के श्मशान घाट में अस्थि कलश के लॉकर अब हाउसफुल हो चुके हैं। लंबे समय से गंगा के पवित्र जल का इंतजार कर रही यह अस्थियां अब मोक्ष कलश योजना से हरिद्वार जाएगी।

अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल

कोविड-19 महामारी में श्मशान घाटों में जगह कम पड़ रही है और लोग अपनों के शवों को लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। सरहदी बाड़मेर जिला मुख्यालय के श्मशान घाट का आलम यह है कि यहां जन अनुशासन पखवाड़े के बाद से 77 शवों को जलाया गया है। जिनमें से 50 फीसदी कोविड संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले लोग थे। श्मशान घाट में बाड़मेर में अस्थि कलश के लॉकर अब हाउसफुल हो चले हैं।


मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

अब हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्थियों को रखने के लिए श्मसान विकास समिति के पास लॉकर नहीं हैं। ऐसे में लकड़ी के संदूक में ही अस्थियों को रखा जा रहा है। लंबे समय से श्मशान के लॉकर में पड़ी अस्थियां हरिद्वार और गंगा के पवित्र पानी का इंतजार कर रही हैं। ऐसे में राजस्थान सरकार की मोक्ष कलश योजना 2020 के तहत राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की नियमित एक्सप्रेस बस में हरिद्वार जाने व आने के लिये मोक्ष कलश के साथ दो यात्रियों को निःशुल्क यात्रा की अनुमति 5 मई से दी गई है।


इस गांव में पिछले 9 सालों से नहीं पैदा हुआ कोई लड़का, लड़का होने पर मिलता है इनाम       यहां अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल, मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार       22 बच्चों की मां ने औनलाइन शेयर किया दर्द       यहां पति के मरते ही नर्क हो जाती है महिला की जिंदगी       हाथ लगा 11 हजार वर्ष पुराना अनमोल 'खजाना', अमेरिका में गोताखोरों की खुली किस्‍मत       इस दिन भेजी जाएगी पीएम किसान योजना की सातवीं किस्त, मिलेंगे 2000 रुपये       रंग-बिरंगी विरासत का शानदार नमूना है जौनपुर       जयपुर की शान है खूबसूरत नाहरगढ़ किला है, एक बार ज़रूर जाये       प्राकृतिक संसाधनो से भरपूर राज्य झारखण्ड जैसे झरने और कही...       मिलेगी शांति और सुकून भरी राहत के लिए एक बार ज़रूर जाये       अगर बाइक राइडिंग का शौक है तो जरूर जाएं यहां       भारत को दर्शाता जरूर देखें यह अदभुत       लुप्त सभ्यता की कथा संजोए है उनाकोटि       इस किले में भूत सूर्यास्त के बाद, जाने इसका रहस्य       हर साल यहां मनाया जाता है मोगली उत्सव       विश्व का सबसे डिफरेंट म्यूजियम       खूबसूरत वादियाँ के साथ खतरनाक रास्ते       इन जगहों पर जरूर जाएँ, बॉलीवुड सितारों से मिलना चाहते हैं तो...       ये 5 प्रसिद्ध स्थल, शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो जरूर जाएँ       किसी स्वर्ग से कम नहीं है केरल का पोनमुडी