लोको पायलट ने ऐसे बचाई गजराज की जान, यूजर्स कर रहे हैं सलाम

लोको पायलट ने ऐसे बचाई गजराज की जान, यूजर्स कर रहे हैं सलाम

सोशल मीडिया पर रोजाना दर्जनों वीडियोज शेयर होते हैं। इनमें कई वीडियो ऐसे होते हैं, जो दिल को छू जाते हैं। इस क्रम में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो दिल को छूने वाला है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है। अन्य दिनों की तरह हाथी पटरी पर मस्तमौला होकर टहल रहा है। वीडियो देख ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी पटरी पारकर जंगल की तरह जा रहा है।


हालांकि, दूरी कम करने के लिए हाथी पटरी का सहारा ले रहा है। हाथी ट्रेन से बेखबर होकर अपनी मस्ती में आगे बढ़ रहा है। उसी समय एक ट्रेन गुजरने वाली होती है। ट्रेन भी अपनी रफ्तार में आगे बढ़ रही है कि अचानक लोको पायलटों की नजर हाथी पर पड़ती हैं। ऐसी स्थिति में दोनों पायलट सोच में पड़ जाते हैं कि आने वाले कुछ सेकेंड में क्या किया जाए? तभी दोनों आपातकालीन ब्रेक लगाने की बात करते हैं। हालांकि, गतिशील ट्रेन में आपातकालीन ब्रेक लगाने से दुर्घटना का खतरा रहता है। इसके बावजूद लोको पायलटों ने सूझबुझ से काम को अंजाम दिया। इससे गजराज की जान बच गई।

इस वीडियो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुशांत नंदा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 17 हजार से अधिक बार देखा गया है। वहीं, तकरीबन 2 हजार लोगों ने पसंद किया है। जबकि, कुछ लोगों ने कमेंट कर लोको पायलट की जमकर तारीफ की है। एक युजर ने लिखा है-हाथी राजा कहा चले। सूंड उठा के चले। पटरी से उतर जाओ ना। कई लोगों ने लोको पायलट को उनके सराहनीय काम के लिए सलाम किया है।


यहां अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल, मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

यहां अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल, मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

इन दिनों कोरोना महामारी में लोगों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्मशान घाटों में शवों को जलाने के लिए लगी कतारों के बीच सरहदी बाड़मेर के श्मशान घाट में अस्थि कलश के लॉकर अब हाउसफुल हो चुके हैं। लंबे समय से गंगा के पवित्र जल का इंतजार कर रही यह अस्थियां अब मोक्ष कलश योजना से हरिद्वार जाएगी।

अस्थि कलश के लॉकर भी हुए हाउसफुल

कोविड-19 महामारी में श्मशान घाटों में जगह कम पड़ रही है और लोग अपनों के शवों को लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। सरहदी बाड़मेर जिला मुख्यालय के श्मशान घाट का आलम यह है कि यहां जन अनुशासन पखवाड़े के बाद से 77 शवों को जलाया गया है। जिनमें से 50 फीसदी कोविड संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले लोग थे। श्मशान घाट में बाड़मेर में अस्थि कलश के लॉकर अब हाउसफुल हो चले हैं।


मोक्ष कलश योजना से जाएंगे हरिद्वार

अब हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्थियों को रखने के लिए श्मसान विकास समिति के पास लॉकर नहीं हैं। ऐसे में लकड़ी के संदूक में ही अस्थियों को रखा जा रहा है। लंबे समय से श्मशान के लॉकर में पड़ी अस्थियां हरिद्वार और गंगा के पवित्र पानी का इंतजार कर रही हैं। ऐसे में राजस्थान सरकार की मोक्ष कलश योजना 2020 के तहत राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की नियमित एक्सप्रेस बस में हरिद्वार जाने व आने के लिये मोक्ष कलश के साथ दो यात्रियों को निःशुल्क यात्रा की अनुमति 5 मई से दी गई है।


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