भारत की इस मंदिर से निकलती है खून की नदी, हैरान करने वाली है वजह

भारत की इस मंदिर से निकलती है खून की नदी, हैरान करने वाली है वजह

इस दुनिया में बहुत सी ऐसी रहस्यमयी जगह है जोम अपनी खास पहचान रखती है। आज हम आपको ऐसे ही एक रहस्यमयी मंदिर के बारे में बताने जा रहे है। इस अति प्राचीन मंदिर में देवी सती या मां दुर्गा की एक भी मूर्ति नहीं है पौराणिक आख्यानों के अनुसार इस जगह देवी सती के शरीर का कुछ अंश गिरा था जो समय के साथ महान शक्ति-साधना का केंद्र बना कहते हैं।

निकलती है खून की नदी

यहां इस मंदिर में एक पत्थर से हर समय पानी निकलता है कहते हैं कि महीने में एकबार इस पत्थर से खून की धारा निकलती है ऐसा क्यों और कैसे होता है, यह आज तक किसी को ज्ञात नहीं है?

अकसर यह सोचा जाता है कि तंत्र विद्या और काली शक्तियों का समय गुजर चुका है लेकिन कामाख्या में आज भी यह जीवन शैली का हिस्सा है। मंदिर के आसपास रहने वाले अघोड़ी और साधू के बारे में कहा जाता है कि वे काला जादू और श्राप से छुटकारा दिलाने में समर्थ होते हैं।


बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

क्रेटा कार और 20 लाख रुपए लेकर एटीएम हैकर गिरोह को छोड़ देने के मामले में बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर, हेड कांस्‍टेबल सहित सभी नौ आरोपी पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच होगी। पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने इसका आदेश देते हुए कहा कि यदि इन पर आय से अधिक संपति की पुष्टि होती है तो इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा में यूपी पुलिस के इंस्‍पेक्‍टर, हेडकांस्‍टेबल और सिपाहियों का बड़ा भ्रष्‍टाचार सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। डीसीपी क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद एसओजी के प्रभारी और एक हैडकांस्टेबल को दोषी मानते हुए पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पकड़े गए एटीएम हैकर गिरोह से पता चला था कि उन्हें कुछ समय पहले नोएडा में एसओजी की टीम ने पकड़ा था और एक कार और बीस लाख रूपये लेकर छोड़ दिया था।

इस मामले में उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। अभिषेक से 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद एसओजी के तत्कालीन प्रभारी शावेज खान और हेड कांस्टेबल अमरीशकांत यादव को तत्काल पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिसमें एक दारोगा, तीन हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल लाइन हाजिर किए गये हैं। पुलिस कमिश्नर के द्धारा तत्काल की गई इस कार्रवाई से जिले के पुलिस कर्मियों में हड़कम्प मचा है।   

इस मामले में एडिशनल कमिश्‍नर लॉ एंड आर्डर लव कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आगे की जांच में यदि किसी और पुलिसकर्मी की कोई संलिप्तता निकलती है या कुछ और मामला पकड़ में आता है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपने ऐसे कृत्यों से पूरे विभाग को शर्मसार करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। 

साफ छवि और कर्मठी पुलिसवालों की तलाश

नोएडा में नई एसओजी टीम के गठन के लिए अधिकारियों को साफ छवि वाले कर्मठ पुलिसकर्मियों की तलाश है। इनका कमिश्नरी से चयन कर एसओजी की नई टीम बनाने के निर्देश दिए गये हैं।  

पुलिस वालों की कॉड डिटेल खंगाली जाएगी

आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब पुलिस की टीम एक इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल समेत पांच लोगों की सीडीआर और घटना वाले दिन की मोबाइल की लोकेशन भी निकलवा रही है. जिससे आरोपों को लेकर अधिक साक्ष्य जुटाये जा सकें। घटना वाले दिन की विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जाएगी। पुलिस के द्धारा एटीएम हैकर के मोबाइल की भी पूरी डिटेल हासिल की जा रही है, जिससे यह भी पता लग सकेगा कि वह किन-किन पुलिस कर्मियों के संपर्क में रहा है।