भालू के लिए देवदूत बनकर आए वन्य अधिकारी, रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो वायरल

भालू के लिए देवदूत बनकर आए वन्य अधिकारी, रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप हैरान हो जाएंगे। इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि नीलगिरि के जंगल में एक भालू नाले में गिर जाता है। जब इसकी खबर वन विभाग के कर्मचारियों को होती है, तो वे आनन-फानन में अपना दस्त लेकर भालू को बचाने के लिए हाजिर हो जाते हैं। इसके लिए वन विभाग के कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ आते हैं।


इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी भालू को बचाने के लिए रेस्क्यू मिशन चलाते हैं। इस मिशन में सीढ़ी और मशाल का सहारा लिया जाता है। इसके लिए सबसे पहले वन विभाग के कर्मचारी मशाल में आग लगाकर भालू को सावधान करते हैं कि ऊपर आग का खतरा है। ऐसा माना जाता है कि जानवर आग से बहुत डरते हैं।

इसके बाद एक स्टाफ हिम्मत कर सीढ़ी को लेकर बड़े नाले के पास आता है। जबकि दूसरा मशाल लेकर पीछे रहता है। बाकी अन्य स्टाफ भी मशाल लेकर खड़े हैं। तभी एक झटके में स्टाफ सीढ़ी को नाले में डालकर अन्य स्टाफ के साथ दूर भाग जाता है। इसके बाद भालू सीढ़ी के जरिए ऊपर आता है और वहां से नौ ग्यारह हो जाता है। वन विभाग के कर्मचारियों को उनके साहसिक काम के लिए लोग शाबाशी दे रहे हैं।

इस वीडियो को भारतीय वन अधिकारी प्रवीण कस्वान ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है- एक भालू को कैसे बचाया जाए। सभी जोखिमों के साथ नीलगिरी वन विभाग के कर्मचारियों ने किया। अंत में आप एक हैप्पी भालू देख सकते हैं। इस वीडियो को खबर लिखे जाने तो 96 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं। जबकि 6 हजार लोगों ने इसे पसंद किया है और सैकड़ों लोगों ने कमेंट किए हैं, जिनमें उन्होंने नीलगिरी वन विभाग के कर्मचारियों की जमकर तारीफ की है।


बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर सहित 9 पुलिसवालों की संपत्ति की होगी जांच, क्रेटा और 20 लाख लेकर छोड़ दिया था ATM हैकर को

क्रेटा कार और 20 लाख रुपए लेकर एटीएम हैकर गिरोह को छोड़ देने के मामले में बर्खास्‍त इंस्‍पेक्‍टर, हेड कांस्‍टेबल सहित सभी नौ आरोपी पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच होगी। पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने इसका आदेश देते हुए कहा कि यदि इन पर आय से अधिक संपति की पुष्टि होती है तो इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा में यूपी पुलिस के इंस्‍पेक्‍टर, हेडकांस्‍टेबल और सिपाहियों का बड़ा भ्रष्‍टाचार सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। डीसीपी क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद एसओजी के प्रभारी और एक हैडकांस्टेबल को दोषी मानते हुए पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पकड़े गए एटीएम हैकर गिरोह से पता चला था कि उन्हें कुछ समय पहले नोएडा में एसओजी की टीम ने पकड़ा था और एक कार और बीस लाख रूपये लेकर छोड़ दिया था।

इस मामले में उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। अभिषेक से 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद एसओजी के तत्कालीन प्रभारी शावेज खान और हेड कांस्टेबल अमरीशकांत यादव को तत्काल पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिले की पूरी एसओजी टीम को भंग कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिसमें एक दारोगा, तीन हेड कांस्टेबल और पांच कांस्टेबल लाइन हाजिर किए गये हैं। पुलिस कमिश्नर के द्धारा तत्काल की गई इस कार्रवाई से जिले के पुलिस कर्मियों में हड़कम्प मचा है।   

इस मामले में एडिशनल कमिश्‍नर लॉ एंड आर्डर लव कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आगे की जांच में यदि किसी और पुलिसकर्मी की कोई संलिप्तता निकलती है या कुछ और मामला पकड़ में आता है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपने ऐसे कृत्यों से पूरे विभाग को शर्मसार करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। 

साफ छवि और कर्मठी पुलिसवालों की तलाश

नोएडा में नई एसओजी टीम के गठन के लिए अधिकारियों को साफ छवि वाले कर्मठ पुलिसकर्मियों की तलाश है। इनका कमिश्नरी से चयन कर एसओजी की नई टीम बनाने के निर्देश दिए गये हैं।  

पुलिस वालों की कॉड डिटेल खंगाली जाएगी

आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब पुलिस की टीम एक इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल समेत पांच लोगों की सीडीआर और घटना वाले दिन की मोबाइल की लोकेशन भी निकलवा रही है. जिससे आरोपों को लेकर अधिक साक्ष्य जुटाये जा सकें। घटना वाले दिन की विभिन्न इलाकों की सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जाएगी। पुलिस के द्धारा एटीएम हैकर के मोबाइल की भी पूरी डिटेल हासिल की जा रही है, जिससे यह भी पता लग सकेगा कि वह किन-किन पुलिस कर्मियों के संपर्क में रहा है।